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हरियाणा में 24 अगस्त से ठप हो सकते हैं जमीन-जायदाद के काम
हरियाणा

Haryana Patwari Strike: हरियाणा में 24 अगस्त से ठप हो सकते हैं जमीन-जायदाद के काम, पटवारी और कानूनगो ने दिया अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेटम

by Vipin Zaildar अगस्त 21, 2026 6:15 अपराह्न IST
written by Vipin Zaildar

भिवानी/चंडीगढ़: हरियाणा में दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिससे 24 अगस्त से प्रदेशभर में जमीनी काम ठप होने की आशंका है। एसोसिएशन ने शुक्रवार को हुई बातचीत विफल रहने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।

एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष विकास राठी के अनुसार नया डिजिटल इंतकाल पोर्टल पिछले चार महीने से तकनीकी खामियों (Technical Glitches) से जूझ रहा है। इससे पटवारियों का काम बढ़ा है और जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने तकनीकी टीम की जवाबदेही तय करने और त्रुटिहीन रिकॉर्ड जारी करने की मांग की है।

कर्मचारी संघ ने ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ और रोवर मशीन के प्रयोग को अव्यावहारिक बताते हुए, इसे बाहरी एजेंसी को सौंपने की मांग की है। इसके अलावा गिरदावरी सहायकों के मानदेय, बकाया एलटीसी और इंक्रीमेंट से जुड़ी फाइलें, जो वर्षों से लंबित हैं उनके त्वरित निस्तारण की मांग की जा रही है।

भिवानी में जारी प्रदर्शन को अब रोडवेज, फायर ब्रिगेड और अन्य कर्मचारी यूनियनों का भी समर्थन मिल गया है। अगर सरकार जल्द समाधान नहीं करती है, तो 24 अगस्त से सभी तहसीलों और उप-तहसीलों के काम बंद कर दिए जाएंगे।

अगस्त 21, 2026 6:15 अपराह्न IST 0 comments
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ANTHE Scholarship 2026
शिक्षा

ANTHE Scholarship 2026: डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना होगा सच, आकाश इंस्टीट्यूट देगा 250 करोड़ की स्कॉलरशिप, परीक्षा की तारीखें घोषित

by Vinod Yadav अगस्त 18, 2026 7:25 अपराह्न IST
written by Vinod Yadav

महम (रोहतक): अगर आपका बच्चा भी बड़ा होकर डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देख रहा है लेकिन कोचिंग की भारी-भरकम फीस आपके आड़े आ रही है तो यह खबर आपके बड़े काम की है। रोहतक जिले के महम क्षेत्र के प्रतिभावान छात्रों के लिए इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले देश के प्रतिष्ठित संस्थान आकाश बायजूस (Aakash Institute) ने एक बड़ा अवसर पेश किया है। संस्थान ने अपने सबसे लोकप्रिय नेशनल टैलेंट हंट एग्जाम एंथे 2026 (ANTHE – Aakash National Talent Hunt Exam) का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है.

250 करोड़ रुपये का बजट और 100% स्कॉलरशिप का मौका

जम्मू-कश्मीर और हरियाणा ब्रांच के प्रतिनिधि विकास ने रोहतक में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि इस साल एंथे स्कॉलरशिप के लिए कुल 250 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसके साथ ही बेहतर रैंक लाने वाले मेधावी छात्रों को 2.5 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। परीक्षा में बैठने वाले कक्षा 5वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र अपनी प्रतिभा के दम पर 100 प्रतिशत तक की फीस माफी (स्कॉलरशिप) हासिल कर सकते हैं।

12 हजार से 30 लाख छात्रों तक का सफर

विकास ने बताया कि साल 2010 में जब इस स्कॉलरशिप योजना की शुरुआत हुई थी तब पहले संस्करण में केवल 12,000 छात्र शामिल हुए थे। लेकिन आज अपनी विश्वसनीयता के दम पर एंथे अपने 17वें संस्करण में कदम रख चुका है और देश भर से करीब 30 लाख छात्र इस महा-परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं। पिछले 16 वर्षों में एक करोड़ से भी अधिक छात्र इस परीक्षा के माध्यम से रियायती दरों पर अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होगी परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग नहीं

ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस परीक्षा को दो अलग-अलग मोड में आयोजित किया जा रहा है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है:

  • ऑनलाइन परीक्षा: यह टेस्ट 27 अक्टूबर से लेकर 1 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा।
  • ऑफलाइन परीक्षा: जो छात्र सेंटर पर जाकर पेपर देना चाहते हैं, उनके लिए 11 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 की तारीखें तय की गई हैं।

कैसा होगा एग्जाम का पैटर्न?

छात्रों को परीक्षा के दबाव से मुक्त रखने के लिए इस टेस्ट का पैटर्न बेहद सरल रखा गया है। परीक्षा में कुल 45 सवाल पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए विद्यार्थियों को 60 मिनट (1 घंटे) का समय मिलेगा। चाहे आप घर बैठकर ऑनलाइन एग्जाम दें या सेंटर पर जाकर ऑफलाइन, समय और सवालों की संख्या बराबर रहेगी। सबसे राहत की बात यह है कि इस टेस्ट में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी जिससे बच्चे बिना किसी डर के आत्मविश्वास के साथ अपनी तार्किक क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकेंगे।

अगस्त 18, 2026 7:25 अपराह्न IST 0 comments
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खाटूश्यामजी से 15 अगस्त को गायब हुआ 20 महीने का रौनक हरियाणा में मिला
राजस्थानहरियाणा

Haryana News: खाटूश्यामजी से 15 अगस्त को गायब हुआ 20 महीने का रौनक हरियाणा में मिला, निःसंतान महिला ने ममता की चाह में पार की हदें

by Vipin Zaildar अगस्त 18, 2026 7:17 अपराह्न IST
written by Vipin Zaildar

Haryana News: राजस्थान के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी (Khatu Shyamji) से स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) की शाम को गायब हुए 20 महीने के मासूम बच्चे रौनक को पुलिस ने सुरक्षित ढूंढ निकाला है। बच्चे को पड़ोसी राज्य हरियाणा के बल्लभगढ़ से बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने मूल रूप से बिहार की रहने वाली पिंकी (30) नाम की महिला को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी महिला निःसंतान है और उसने सूनी गोद को भरने की चाह में इस गंभीर वारदात को अंजाम दे डाला।

बरेली का परिवार आया था दर्शन करने, पलक झपकते ही गायब हुआ जिगर का टुकड़ा

पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली का रहने वाला है। वह 15 अगस्त को बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूश्यामजी आया था। मंदिर क्षेत्र में भारी भीड़ के बीच अचानक उनका 20 महीने का बेटा रौनक उनसे बिछड़ गया। काफी तलाश करने के बाद भी जब बच्चा नहीं मिला तो बदहवास माता-पिता ने 16 अगस्त को खाटूश्यामजी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।

लाखों की भीड़ में सुराग ढूंढना था लोहे के चने चबाने जैसा

सीकर के एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि सावन और त्योहारों के सीजन के चलते खाटूश्यामजी में देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इतनी भारी भीड़ में किसी अज्ञात संदिग्ध को ढूंढना पुलिस के लिए एक बेहद जटिल पहेली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर रेंज के आईजीपी राहुल प्रकाश खुद एक्शन में आए और उनके निर्देश पर 100 पुलिसकर्मियों की फौज तैयार कर 6 अलग-अलग टीमें बनाई गईं।

500 सीसीटीवी कैमरे और ‘उस एक फुटेज’ ने खोल दिया राज

पुलिस टीमों ने खाटूश्यामजी कस्बे से लेकर हरियाणा के रास्तों तक बने होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और हाईवे के करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इस मैराथन जांच के दौरान पुलिस को एक फुटेज मिली जिसमें एक महिला मासूम रौनक की उंगली पकड़कर उसे अपने साथ ले जाती हुई दिखी। पुलिस ने उस महिला का रूट और मोबाइल लोकेशन ट्रेस की तो उसकी आखिरी लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद/बल्लभगढ़ इलाके की आई।

4 साल से सूनी थी गोद, इसलिए उठाया यह खौफनाक कदम

लोकेशन मिलते ही राजस्थान पुलिस की टीम ने बल्लभगढ़ में दबिश देकर किराए के मकान में रह रही पिंकी को दबोच लिया और उसके चंगुल से बच्चे को बिल्कुल सुरक्षित छुड़ा लिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी महिला ने रोते हुए कुबूल किया कि उसकी शादी को 4 साल हो चुके हैं लेकिन उसका कोई बच्चा नहीं था। इसी अकेलेपन और सामाजिक ताने-बाने से तंग आकर उसने मंदिर में बच्चे को अकेले देख अगवा करने की योजना बनाई थी। हालांकि पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि महिला का इरादा सिर्फ बच्चे को पालना था या वह किसी बड़े बच्चा चोर गिरोह (Child Trafficking Gang) से जुड़ी हुई है।

अगस्त 18, 2026 7:17 अपराह्न IST 0 comments
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Haryana Voter List: हरियाणा में मतदाता सूची की महासफाई! एक झटके में कटे 16% वोटर्स के नाम, गुरुग्राम-फरीदाबाद में सबसे बड़ा वोटर गेम
हरियाणागुरुग्राम

Haryana Voter List: हरियाणा में मतदाता सूची की महासफाई! एक झटके में कटे 16% वोटर्स के नाम, गुरुग्राम-फरीदाबाद में सबसे बड़ा वोटर गेम

by Vipin Zaildar अगस्त 18, 2026 7:10 अपराह्न IST
written by Vipin Zaildar

चंडीगढ़: हरियाणा में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों (Voter List) की एक ऐसी महासफाई की है जिसने सूबे के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत तैयार ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में प्रदेश के 16.39 प्रतिशत मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। चुनाव आयोग के इस बड़े एक्शन के बाद अब उन लोगों में हड़कंप है जिन्होंने लंबे समय से अपने वोटर आईडी कार्ड को अपडेट नहीं कराया था।

पूरे देश में तीसरे नंबर पर पहुंचा हरियाणा, अरुणाचल और यूपी टॉप पर

वोटर लिस्ट से इस तरह थोक के भाव नाम काटने के मामले में हरियाणा अब पूरे देश में तीसरे पायदान पर आ खड़ा हुआ है। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इससे पहले सिर्फ अरुणाचल प्रदेश (19.09%) और उत्तर प्रदेश (18.7%) में ही इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे।

औद्योगिक शहर गुरुग्राम और फरीदाबाद में हुआ सबसे बड़ा खेल

इस पूरी छंटनी का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू यह है कि लिस्ट से बाहर किए गए कुल वोटर्स में से अकेले 28 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के दो बड़े औद्योगिक जिलों, गुरुग्राम और फरीदाबाद का है।

  • गुरुग्राम का हाल: इस अभियान से पहले गुरुग्राम जिले में कुल 15,55,034 मतदाता रजिस्टर्ड थे जो अब घटकर महज 11,01,955 रह गए हैं। यानी सीधे 4,53,468 वोटर्स लिस्ट से साफ हो गए। सबसे तगड़ा झटका वीआईपी विधानसभा क्षेत्र बादशाहपुर’ और गुरुग्राम सीट को लगा है जहां लाखों की संख्या में वोट घटे हैं।
  • फरीदाबाद का हाल: यहाँ भी लगभग 5.1 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से उड़ा दिए गए हैं जिसके बाद जिले की कुल वोटर संख्या 18.8 लाख से घटकर सीधे 13.7 लाख पर सिमट गई है।

क्यों कटे इतने नाम? जानिए इसके पीछे का असली गणित

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, हरियाणा में कुल 2,06,55,929 रजिस्टर्ड मतदाता थे। इनमें से 83.61% वोटर्स ने तो अपना गणना फॉर्म समय पर जमा करा दिया लेकिन बाकी बचे लोगों का जब ऑन-ग्राउंड वेरिफिकेशन हुआ तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं:

  • पते पर नहीं मिले (11.68%): लगभग 24.13 लाख लोग ऐसे निकले जो अपने दिए गए एड्रेस पर नहीं रह रहे थे। ये या तो दूसरे शहरों में शिफ्ट हो गए थे या लंबे समय से गायब थे।
  • मृत घोषित (3.71%): करीब 7.66 लाख मतदाता वेरिफिकेशन के दौरान मृत पाए गए जिनका नाम सालों से लिस्ट में चल रहा था।
  • फर्जी या डबल वोटर्स (0.99%): करीब 2.04 लाख चालाक मतदाता ऐसे मिले जिनके नाम दो या उससे ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों की लिस्ट में एक साथ दर्ज थे।

अभी भी है मौका: 30 अगस्त 2026 तक सुधार लें अपनी गलती

अगर इस लिस्ट में आपका नाम भी गलती से कट गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने आम जनता को 30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया है। इस दौरान आप जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने पोलिंग बूथ या ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर नाम दोबारा जुड़वाने या किसी गलती को सुधारने के लिए फॉर्म भर सकते हैं। इस पूरे काम की स्क्रूटनी के लिए प्रशासन ने राज्य भर में 90 ERO और 1,601 AERO अफसरों की फौज तैनात कर दी है।

अगस्त 18, 2026 7:10 अपराह्न IST 0 comments
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भिवानी के नांगल गांव के सरपंच रण सिंह सस्पेंड
हरियाणाभिवानी

Haryana Panchayat News: भिवानी के नांगल गांव के सरपंच रण सिंह सस्पेंड, आशा वर्कर भर्ती में हेरफेर पर DC का बड़ा एक्शन

by Vipin Zaildar अगस्त 18, 2026 6:39 अपराह्न IST
written by Vipin Zaildar

सिवानी (भिवानी): हरियाणा के भिवानी जिले से पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। सिवानी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गांव नांगल के सरपंच रण सिंह को उनके पद से तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। सरपंच पर यह गाज गांव में ही चल रही आशा वर्कर (ASHA Worker) की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर धांधली और अनियमितताएं बरतने के आरोपों के बाद गिरी है।

आशा वर्कर के चयन में हुआ था खेल, ग्रामीणों ने खोल दिया था मोर्चा

पूरा मामला गांव नांगल में आशा वर्कर के खाली पद को भरने के लिए आयोजित की गई भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। आरोप थे कि भर्ती के दौरान नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से चयन करने का प्रयास किया गया। इसकी भनक जब ग्रामीणों को लगी, तो उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कर दी। मामला सीधे भिवानी के उपायुक्त (DC) साहिल गुप्ता के पास पहुँचा, जिन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए।

एडीसी की जांच रिपोर्ट में फंसे सरपंच, जारी हुआ था नोटिस

डीसी के निर्देश पर अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल जांच कमेटी का गठन किया गया था। इस समिति ने जब मामले की बारीकी से जांच की, तो भर्ती प्रक्रिया के भीतर सरपंच रण सिंह की भूमिका को लेकर गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाई गईं। एडीसी कमेटी की इस रिपोर्ट के आधार पर सरपंच को पहले हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर उनका पक्ष मांगा गया था। लेकिन उपलब्ध तथ्यों के सामने सरपंच की ओर से दी गई दलीलें टिक नहीं सकीं और उनके खिलाफ लगे आरोप पूरी तरह सही साबित हुए।

डीसी ने थमाया सस्पेंशन लेटर, बैठकों में जाने पर भी लगी रोक

अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद भिवानी के डीसी साहिल गुप्ता ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(1)(बी) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सरपंच रण सिंह को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। आदेश के मुताबिक, अब निलंबन की इस अवधि के दौरान सरपंच ग्राम पंचायत की किसी भी आधिकारिक बैठक या कार्रवाई में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

ग्राम सचिव संभालेंगे रिकॉर्ड, बहुमत वाले पंच को मिलेगा चार्ज

प्रशासन ने इस कार्रवाई को तुरंत धरातल पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरपंच रण सिंह के पास मौजूद पंचायत की जितनी भी चल-अचल संपत्ति, सरकारी रिकॉर्ड, चेकबुक और फंड का ब्यौरा है, उसे संबंधित ग्राम सचिव के माध्यम से नियमानुसार बहुमत रखने वाले पंच को सौंपने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस कड़े एक्शन के बाद इलाके की अन्य ग्राम पंचायतों और सरकारी भर्तियों से जुड़े अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

अगस्त 18, 2026 6:39 अपराह्न IST 0 comments
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खट्टर सरकार के पुराने नियम में बड़ा सुधार
हरियाणा

Haryana Property News: खट्टर सरकार के पुराने नियम में बड़ा सुधार, अब बेटी के बच्चों को भी बिना टैक्स मिलेगी पैतृक संपत्ति, जारी हुआ गजट

by Vipin Zaildar अगस्त 18, 2026 6:33 अपराह्न IST
written by Vipin Zaildar

चंडीगढ़: हरियाणा में अपनी बेटी के बच्चों यानी नाती-नातिन (दोहता-दोहती) के नाम अपनी जमीन या मकान ट्रांसफर करने वाले बुजुर्गों के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर मिलने वाली स्टैंप ड्यूटी छूट को लेकर सालों से चले आ रहे एक कानूनी भ्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब बेटियों के बच्चों को भी संपत्ति ट्रांसफर करने पर 100 फीसदी स्टैंप ड्यूटी की छूट का कानूनी अधिकार मिल गया है।

अंग्रेजी और हिंदी के फेर में फंसा था पूरा पेंच

दरअसल, यह पूरा मामला साल 2014 के एक पुराने नियम से जुड़ा है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि 16 जून 2014 को हरियाणा सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके तहत माता-पिता, बच्चे, भाई-बहन, जीवनसाथी और पोते-पोतियों के पक्ष में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर पूरी स्टैंप ड्यूटी माफ कर दी गई थी।

लेकिन असली दिक्कत तब आई जब इस नोटिफिकेशन का अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद हुआ। अंग्रेजी टेक्स्ट में व्यापक शब्द ‘Grandchildren’ लिखा था जिसका मतलब पोते और नाती दोनों होता है। मगर हिंदी के सरकारी आदेश में सिर्फ ‘पौत्र-पौत्री’ (बेटे के बच्चे) लिख दिया गया। इसी एक शब्द की गलती के कारण रजिस्ट्री दफ्तरों (Sub-Registrar Offices) में बैठे अधिकारी बेटी के बच्चों को इस छूट का फायदा देने से मना कर देते थे, जिससे टैक्स के नाम पर बेवजह के विवाद होते थे।

सरकार ने बदला नियम, अब गजट भी हुआ जारी

राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने इस भाषा संबंधी गड़बड़ी को ठीक करने के लिए एक औपचारिक सुधार पत्र (Corrigendum) जारी किया है, जिसे अब सरकारी गजट में भी प्रकाशित कर दिया गया है। नए संशोधन के बाद अब हिंदी नोटिफिकेशन में ‘पौत्र-पौत्री’ के साथ ‘दौहता-दोहती और नाती-नातिन’ शब्दों को साफ तौर पर जोड़ दिया गया है। इसके बाद अब बेटी की संतान को भी बेटे की संतान के ठीक बराबर का हक मिल गया है।

पिछली तारीख से लागू होगा नियम, खत्म होगी रजिस्ट्री की माथापच्ची

इस फैसले की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे 2014 के मूल आदेश के सुधार के तौर पर देखा जाएगा। यानी यह नियम पिछली तारीख (Retrospective Effect) से ही प्रभावी माना जाएगा। सरकार के इस कदम से राज्य के तमाम राजस्व दफ्तरों में चल रही कानूनी उलझनें खत्म हो जाएंगी और आम जनता बिना किसी बाबूगिरी या टैक्स विवाद के आसानी से अपने नाती-नातिन के नाम पर प्रॉपर्टी गिफ्ट या ट्रांसफर कर सकेगी।

अगस्त 18, 2026 6:33 अपराह्न IST 0 comments
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Haryana Police का बड़ा एक्शन
हरियाणा

Haryana Police का बड़ा एक्शन: 10 राज्यों में फैला था नवजातों की सौदेबाजी का काला धंधा, 4 महीने की लुका-छिपी के बाद हत्थे चढ़ा मास्टरमाइंड

by Vipin Zaildar अगस्त 18, 2026 6:26 अपराह्न IST
written by Vipin Zaildar

चंडीगढ़/बहादुरगढ़: देश के 10 राज्यों में फैले बच्चों की तस्करी (Child Trafficking) के एक बहुत बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में हरियाणा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। यह गैंग अब तक करीब 50 नवजात बच्चों (Infants) का सौदा कर चुका था। पुलिस ने इस पूरे काले धंधे के मास्टरमाइंड परगट सिंह को पंजाब के मुक्तसर से दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी कोई आसान काम नहीं थी, पुलिस को इस शातिर सरगना तक पहुँचने के लिए लगातार 4 महीने तक पीछा करना पड़ा।

पंजाब से महाराष्ट्र और सिलीगुड़ी तक फैले थे तार

बहादुरगढ़ के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) मयंक मिश्रा ने इस पूरे बड़े ऑपरेशन की कमान संभाली। उन्होंने बताया कि यह नेटवर्क सिर्फ किसी एक इलाके तक सीमित नहीं था। पंजाब से शुरू होकर इसके तार महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जैसे सुदूर इलाकों तक फैले हुए थे। इस गैंग में पंजाब के एक ही परिवार के कई सदस्य और उनके करीबी मददगार शामिल थे, जो मिलकर नवजात बच्चों को चंद रुपयों के लिए देश के अलग-अलग कोनों में बेच दिया करते थे।

अब तक 21 लोग गिरफ्तार, अवैध रूप से गोद लेने वाले माता-पिता भी नपे

पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में अब तक कुल 21 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 ऐसे माता-पिता भी शामिल हैं, जिन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर इस गैंग से अवैध रूप से बच्चे खरीदे (Adopt) थे। पुलिस इस मामले में बेहद सख्त रुख अपना रही है ताकि बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।

असली मां-बाप की तलाश में जुटी पुलिस

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन बदनसीब बच्चों के असली (Biological) माता-पिता को ढूंढने की है, जिनसे ये बच्चे अलग किए गए थे। डीसीपी मयंक मिश्रा के मुताबिक, मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पुलिस टीम हर एक कलीदार कड़ी को जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।

अगस्त 18, 2026 6:26 अपराह्न IST 0 comments
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Urea Crisis
खेती-किसानीताज़ा खबरें

Urea Crisis: गोदामों में खाद फुल, फिर भी कतारों में किसान! जानें क्या है असली वजह

by Dharmendra Acharya अगस्त 18, 2026 8:13 पूर्वाह्न IST
written by Dharmendra Acharya

नई दिल्ली (कृषि डेस्क) विराट भारत। खरीफ सीजन की फसलें इस समय खेतों में लहलहा रही हैं और इस वक्त फसलों को सबसे ज्यादा जरूरत यूरिया खाद की है। लेकिन देश के कई राज्यों के ग्रामीण इलाकों से आई तस्वीरें बेहद परेशान करने वाली हैं। सुबह चार बजे से ही किसान, महिलाएं और बुजुर्ग सरकारी और निजी सहकारी केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी बड़ी संख्या में किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

एक तरफ जहां केंद्र सरकार का दावा है कि देश में जरूरत से ज्यादा खाद का स्टॉक मौजूद है, वहीं जमीनी स्तर पर ‘खाद संकट’ (Urea Shortage) गहराता जा रहा है। आइए समझते हैं इस पूरे संकट की इनसाइड स्टोरी और वह वजहें जिसके कारण किसान परेशान हैं।

जमीनी हकीकत: सरकारी गोदाम फुल, वितरण प्रणाली फेल

विभिन्न राज्यों से मिली ग्राउंड रिपोर्ट्स के अनुसार इस संकट के पीछे यूरिया की कमी नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर फैला कुप्रबंधन और सख्त नियम हैं जैसे:

सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स की नाकामी: अकेले राजस्थान के बफर स्टॉक गोदामों में इस समय लगभग 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद सुरक्षित रखी है। समस्या यह है कि इस स्टॉक को समय पर तहसील और ग्राम पंचायत स्तर के केंद्रों तक नहीं पहुंचाया जा रहा है जिससे स्थानीय स्तर पर कृत्रिम किल्लत (Artificial Scarcity) पैदा हो गई है।

नो लैंड रिकॉर्ड का सख्त नियम: खाद वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने पीओएस (PoS) मशीनों और ऑनलाइन रिकॉर्ड को अनिवार्य किया है। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन बटाईदार (किराए पर खेती करने वाले) किसानों को हो रहा है जिनके नाम पर जमीन का मालिकाना हक (गिरदावरी या खसरा) नहीं है। उन्हें नो लैंड रिकॉर्ड कहकर खाद देने से सीधे मना किया जा रहा है।

ब्लैक मार्केटिंग और टैगिंग का खेल: निजी और कुछ सहकारी डीलर यूरिया की भारी मांग का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। कई केंद्रों पर किसानों को यूरिया की बोरी देने के बदले जबरन महंगे कीटनाशक, जिंक या अन्य गैर-जरूरी सप्लीमेंट खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है।

सरकारी पक्ष: यूरिया की कोई कमी नहीं, वैश्विक संकट के बावजूद मिल रही भारी सब्सिडी

इस चौतरफा आलोचना के बीच केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय और सरकार ने अपना पक्ष साफ किया है:

जरूरत से 48% अधिक स्टॉक: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस खरीफ सीजन के लिए देश में 163.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है, जबकि देश की कुल अनुमानित मांग केवल 109.40 लाख मीट्रिक टन है। सरकार का साफ कहना है कि देश के स्तर पर खाद की कोई कमी नहीं है।

₹3000 की बोरी मात्र ₹300 में: लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया था कि वैश्विक बाजार में यूरिया की जो बोरी सरकार को ₹3,000 की पड़ रही है, उसे भारतीय किसानों के लिए भारी सब्सिडी देकर मात्र ₹300 में उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

17 लाख टन का नया आयात: आगामी रबी सीजन और मौजूदा मांग के सुरक्षित बैकअप के लिए भारत ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार से 17 लाख टन अतिरिक्त यूरिया आयात करने के सौदे को अंतिम रूप दिया है।

वैश्विक कारण: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्यों बढ़ा तनाव?

घरेलू कुप्रबंधन के अलावा कुछ अंतरराष्ट्रीय कारकों ने भी इस स्थिति को संवेदनशील बनाया है:

पश्चिम एशिया का संघर्ष: साल 2026 की शुरुआत से ही मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली फर्टिलाइजर और कच्चे माल की शिपमेंट बुरी तरह प्रभावित हुई है।

प्राकृतिक गैस की आसमान छूती कीमतें: यूरिया उत्पादन के लिए सबसे जरूरी कच्चा माल ‘नेचुरल गैस’ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में आए उछाल की वजह से भारत के कई घरेलू फर्टिलाइजर प्लांट्स को उत्पादन सुचारू रखने में भारी लागत का सामना करना पड़ रहा है।

समाधान कैसे होगा? ये है विशेषज्ञों की राय

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जिला प्रशासन और कृषि विभाग स्थानीय डीलरों पर सख्त निगरानी नहीं रखेंगे और बटाईदार किसानों के लिए नियमों में ढील नहीं दी जाएगी तब तक गोदामों में खाद होने के बावजूद किसानों की कतारें कम नहीं होंगी।

अगस्त 18, 2026 8:13 पूर्वाह्न IST 0 comments
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Aaj Ka Rashifal
ज्योतिष

Aaj Ka Rashifal: आज स्वाति नक्षत्र में राहु-चंद्रमा की युति, इन 3 राशियों की अचानक चमकेगी किस्मत

by Dharmendra Acharya अगस्त 18, 2026 7:49 पूर्वाह्न IST
written by Dharmendra Acharya

नई दिल्ली (डिजिटल डेस्क) विराट भारत। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार आज यानी 18 अगस्त 2026 (श्रावण शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि) को आकाश मंडल में एक बेहद दुर्लभ और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना होने जा रही है। आज चंद्रमा का संचार अपने मित्र शुक्र की राशि तुला और राहु के प्रभाव वाले स्वाति नक्षत्र में हो रहा है। इसके साथ ही सूर्य देव की विशेष कृपा दिलाने वाला रवि योग भी सक्रिय रहेगा।

ज्योतिषीय शोध के अनुसार जब भी स्वाति नक्षत्र में चंद्रमा का गोचर होता है तो व्यापारिक और कूटनीतिक फैसलों में अप्रत्याशित तेजी आती है। आइए जानते हैं कि इस अनूठे ग्रह गोचर का आज आपकी राशि पर क्या सीधा और वास्तविक असर पड़ने वाला है।

आज की 3 सबसे भाग्यशाली राशियां (The Top Gainers)

तुला राशि (Libra): चंद्रमा आज आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। स्वाति नक्षत्र का प्रभाव आपके आत्मविश्वास को चरम पर ले जाएगा। यदि आप पार्टनरशिप में कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं या अटका हुआ पैसा वापस पाना चाहते हैं, तो आज का दिन सर्वोत्तम है।

धनु राशि (Sagittarius): एकादश (लाभ) भाव में चंद्रमा की उपस्थिति और रवि योग का प्रभाव आपके लिए ‘कुबेर के भंडार’ खोलने जैसा साबित हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नए प्रोजेक्ट्स मिलने के प्रबल संकेत हैं।

मकर राशि (Capricorn): कर्म भाव के चंद्रमा आज आपको कार्यस्थल पर बड़ी पहचान दिलाएंगे। यदि कोई कानूनी विवाद या कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा है, तो आज का फैसला आपके पक्ष में आने की पूरी संभावना है।

सभी 12 राशियों का सटीक राशिफल

मेष (Aries)

कार्यक्षेत्र में आपकी बौद्धिक क्षमता की तारीफ होगी। नए कूटनीतिक संबंध बनेंगे जो भविष्य में वित्तीय लाभ देंगे। हालांकि, शाम के समय जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकता है। शांत रहें।

असर: 80% सकारात्मक

उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।

वृषभ (Taurus)

आज शत्रु और विरोधी आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। नौकरी में आपके काम की री-चेकिंग हो सकती है, इसलिए दस्तावेजों को संभालकर रखें। सेहत के मामले में पेट से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं।

असर: मिलाजुला दिन

उपाय: ओम शं शनैश्चराय नमः का जाप करें।

मिथुन (Gemini)

क्रिएटिव फील्ड, लेखन और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शानदार है। आज आपको अपनी पिछली मेहनत का बड़ा रिवॉर्ड मिल सकता है। प्रेम जीवन में चल रहे पुराने विवाद आज सुलझेंगे।

असर: 85% सकारात्मक

उपाय: पक्षियों को हरा मूंग दाना डालें।

कर्क (Cancer)

आज सुख-सुविधाओं और घर की सजावट पर खर्च बढ़ेगा। मानसिक रूप से आप थोड़े भावुक या संवेदनशील रह सकते हैं। कार्यस्थल पर सहकर्मियों की राजनीति से खुद को दूर रखें और केवल अपने काम पर ध्यान दें।

असर: सामान्य

उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें।

सिंह (Leo)

रवि योग का सबसे सीधा लाभ आपको मिलने जा रहा है क्योंकि सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं। आज भाइयों और मित्रों के सहयोग से कोई बड़ा व्यापारिक कॉन्ट्रैक्ट आपके हाथ लग सकता है। यात्राएं सुखद रहेंगी।

असर: 90% सकारात्मक

उपाय: तांबे के पात्र से सूर्य देव को अर्घ्य दें।

कन्या (Virgo)

आपकी वाणी आज आपका सबसे बड़ा हथियार बनेगी। फंसा हुआ धन मिलने से बैंक बैलेंस में सुधार होगा। हालांकि, आंख और गले से संबंधित कोई पुरानी तकलीफ दोबारा उभर सकती है, लापरवाही न बरतें।

असर: वित्तीय रूप से मजबूत

उपाय: किसी मंदिर में कपूर की टिक्की दान करें।

तुला (Libra)

आज मानसिक शांति का अनुभव होगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

उपाय: सफेद चंदन का तिलक माथे पर लगाएं।

वृश्चिक (Scorpio)

आज बेवजह की भागदौड़ और मानसिक तनाव हावी रह सकता है। बजट से बाहर जाकर खर्च करने की आदत आपको मुसीबत में डाल सकती है। विदेशी व्यापार या एक्सपोर्ट-इंपोर्ट से जुड़े लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

असर: संभलकर चलने का दिन

उपाय: हनुमान चालीसा का तीन बार पाठ करें।

धनु (Sagittarius)

पुराने निवेशों से भारी रिटर्न मिलने की उम्मीद है। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा।

उपाय: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं।

मकर (Capricorn)

सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी। सीनियर मैनेजमेंट का पूरा सपोर्ट रहेगा।

उपाय: शनिवार की तरह आज भी शाम को पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाएं।

कुंभ (Aquarius)

धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में आपकी रुचि अचानक बढ़ जाएगी। आज भाग्य का सितारा बुलंद है, जिससे कम मेहनत में भी आपको अधिक सफलता मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं।

असर: भाग्यशाली दिन

उपाय: किसी जरूरतमंद को काले तिल का दान करें।

Pisces (मीन)

आज का दिन जोखिम भरे निवेश (जैसे शेयर मार्केट या लॉटरी) से बचने का है। वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। दोपहर के बाद किसी पुराने मित्र से अचानक मुलाकात मन को प्रसन्न कर देगी।

असर: 60% प्रतिकूल

उपाय: भगवान विष्णु के मंदिर में पीले फल चढ़ाएं।

Disclaimer: यह न्यूज़ रिपोर्ट पंचांग की गणना और गोचरीय स्थिति पर आधारित है। व्यक्तिगत सटीक फलादेश के लिए अपनी जन्मपत्रिका का विश्लेषण अनिवार्य है। जन्मपत्रिका का विश्लेषण करवाने के लिए अपने पास के किसी भी सिद्ध ज्योतिष शास्त्री से मिल सकते है।

अगस्त 18, 2026 7:49 पूर्वाह्न IST 0 comments
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PM Kisan 24th Installment: 23वीं किस्त नहीं मिली तो क्या 24वीं में मिलेंगे ₹4,000? जानिए क्या है नियम
काम की खबरें

PM Kisan 24th Installment: 23वीं किस्त नहीं मिली तो क्या 24वीं में मिलेंगे ₹4,000? जानिए क्या है नियम

by Saloni Yadav अगस्त 16, 2026 6:29 अपराह्न IST
written by Saloni Yadav

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हो चुकी है। सरकार ने इस किस्त के तहत देश के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के खातों में करीब 18,880 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बाद अब किसानों की नजर 24वीं किस्त पर है। लेकिन जिन किसानों को 23वीं किस्त का ₹2,000 नहीं मिला, उनके सामने एक अहम सवाल है कि क्या पिछली किस्त बाद में मिल सकती है और क्या 24वीं किस्त के साथ खाते में ₹4,000 पहुंच सकते हैं?

इसका जवाब हर किसान के लिए एक जैसा नहीं है। अगर किसी पात्र किसान का भुगतान किसी तकनीकी या सत्यापन संबंधी वजह से रोका गया है और बाद में उसकी पात्रता पूरी तरह सत्यापित हो जाती है, तो पिछली बकाया राशि का भुगतान किया जा सकता है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि 23वीं किस्त से वंचित हर किसान को 24वीं किस्त के साथ अपने आप ₹4,000 मिलेंगे।

₹4,000 कब मिल सकते हैं?

PM-KISAN में पात्र किसान परिवार को सालाना ₹6,000 की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त ₹2,000 की होती है। इसलिए अगर किसी पात्र किसान की एक किस्त वास्तव में बकाया है और बाद में उस भुगतान की पात्रता पूरी हो जाती है, तो बकाया राशि और नई किस्त मिलाकर खाते में ₹4,000 आने की स्थिति बन सकती है।

लेकिन इसे 24वीं किस्त के साथ ₹4,000 मिलने की सरकारी गारंटी समझना सही नहीं होगा। भुगतान से पहले किसान की पात्रता और रिकॉर्ड की स्थिति महत्वपूर्ण है।

PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर सरकार ने ऐसे मामलों की भी जानकारी दी है जिनमें लाभ अस्थायी रूप से रोका गया है। उदाहरण के लिए एक से अधिक परिवार के सदस्यों द्वारा लाभ लेने या योजना के exclusion criteria से जुड़े संदिग्ध मामलों में भुगतान physical verification पूरी होने तक रोका जा सकता है।

23वीं किस्त अटकने की वजह क्या हो सकती है?

किसान की किस्त कई वजहों से रुक सकती है। इनमें e-KYC पूरी न होना, भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी समस्या, बैंक खाते या भुगतान संबंधी जानकारी में गड़बड़ी और पात्रता की जांच लंबित होना शामिल हो सकते हैं।

PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट साफ तौर पर कहती है कि पंजीकृत किसानों के लिए e-KYC अनिवार्य है। सरकार ने लाभार्थियों को अपना स्टेटस Know Your Status (KYS) के माध्यम से देखने की सुविधा भी दी है।

इसलिए जिन किसानों को 23वीं किस्त नहीं मिली, उनके लिए सिर्फ अगली किस्त का इंतजार करना पर्याप्त नहीं है। पहले यह पता करना जरूरी है कि भुगतान रुका क्यों है।

e-KYC नहीं हुई है तो पहले यह काम करें

अगर PM-KISAN रिकॉर्ड में e-KYC पूरी नहीं है, तो इसे जल्द पूरा करना जरूरी है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार e-KYC PM-KISAN पंजीकृत किसानों के लिए अनिवार्य है। OTP आधारित e-KYC पोर्टल पर की जा सकती है, जबकि बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।

e-KYC की स्थिति देखने के लिए किसान PM-KISAN के Know Your Status पेज पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डाल सकते हैं। वहां भुगतान की स्थिति, बैंक का नाम, UTR नंबर और खाते में राशि जमा होने जैसी जानकारी भी दिखाई जाती है।

जमीन के रिकॉर्ड की भी करें जांच

PM-KISAN में लाभार्थी किसान परिवार की पहचान के लिए भूमि रिकॉर्ड महत्वपूर्ण है। योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मौजूदा land ownership records का इस्तेमाल पात्र किसान परिवारों की पहचान के लिए किया जाता है।

इसलिए यदि किसान के नाम जमीन का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज नहीं है या भूमि संबंधी सत्यापन में कोई समस्या है, तो भुगतान प्रभावित हो सकता है।

ऐसे मामले में किसान को अपने संबंधित राजस्व विभाग या कृषि विभाग के माध्यम से रिकॉर्ड की स्थिति की जांच करानी चाहिए।

बैंक खाते में भी गड़बड़ी से रुक सकता है भुगतान

PM-KISAN की राशि DBT के माध्यम से बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए बैंक खाते से जुड़ी जानकारी में किसी तरह की समस्या होने पर भुगतान अटक सकता है।

किसान को अपने PM-KISAN स्टेटस में भुगतान की स्थिति और बैंक संबंधी जानकारी देखनी चाहिए। आधिकारिक Know Your Status सुविधा में Payment Status, Bank Name, UTR Number, Payment Mode और Account Credited जैसी जानकारियां दिखाई जाती हैं।

24वीं किस्त कब आएगी?

PM-KISAN की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई थी। अब 24वीं किस्त का इंतजार है। हालांकि, 16 अगस्त 2026 तक केंद्र सरकार ने 24वीं किस्त जारी करने की निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

इसलिए अक्टूबर 2026 को 24वीं किस्त की पक्की तारीख बताना अभी सही नहीं होगा। योजना के सामान्य चार-महीने के भुगतान चक्र के आधार पर अगली किस्त का समय अगस्त-नवंबर 2026 के चक्र में आता है, लेकिन वास्तविक भुगतान तारीख सरकार की घोषणा के बाद ही निश्चित मानी जाएगी।

23वीं किस्त नहीं आई तो अभी क्या करें?

किसान को इन चार चीजों की जांच करनी चाहिए:

पहला, PM-KISAN में e-KYC का स्टेटस देखें।
दूसरा, अपने नाम दर्ज भूमि रिकॉर्ड और उसकी सत्यापन स्थिति जांचें।
तीसरा, बैंक खाते और भुगतान की जानकारी देखें।
चौथा, PM-KISAN के Know Your Status में payment status और eligibility की जानकारी देखें।

अगर समस्या दिखाई दे रही है तो उसे ठीक कराने के बाद किसान PM-KISAN पोर्टल के Grievance विकल्प से शिकायत भी दर्ज कर सकता है। आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने और उसका स्टेटस देखने की सुविधा उपलब्ध है।

23वीं किस्त नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि 24वीं किस्त भी निश्चित रूप से रुक जाएगी। लेकिन यह भी तय नहीं है कि 24वीं किस्त के साथ हर ऐसे किसान को सीधे ₹4,000 मिलेंगे।

अगर किसान पात्र है, पिछली किस्त का भुगतान केवल किसी सुधार योग्य समस्या या लंबित सत्यापन के कारण रुका था और बाद में उसका मामला क्लियर हो जाता है, तो बकाया राशि का भुगतान संभव है। इसलिए 24वीं किस्त का इंतजार करने के बजाय किसान अभी अपना e-KYC, भूमि रिकॉर्ड, बैंक विवरण और PM-KISAN स्टेटस जांच लें।

अगस्त 16, 2026 6:29 अपराह्न IST 0 comments
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