Rewari News: रेवाड़ी के बनीपुर में ड्राइवर को गोली मारकर कैब लूटने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि इस वारदात के मुख्य आरोपी देवांशु ने हथियार मेरठ के रहने वाले बंटी से खरीदे थे। इसके लिए देवांशु ने दो किस्तों में करीब 85 हजार रुपये का भुगतान किया था। पुलिस ने हथियार सप्लायर बंटी को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान बंटी से देवांशु को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी अब गहराई से जांच की जा रही है।
85 हजार में पिस्तौल और मैगजीन की डील
पुलिस जांच में सामने आया है कि देवांशु ने बंटी से दो पिस्तौल और तीन मैगजीन खरीदी थीं। पहले उसने 35 हजार रुपये दिए और बाद में 50 हजार रुपये का भुगतान किया। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी ने जीपीएस ट्रैकर और जैमर जाम करने वाला उपकरण करीब पांच साल पहले ही खरीद लिया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किन-किन वारदातों के लिए किया जाना था और क्या आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है।
#एसपी_रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा के कुशल मार्गदर्शन में कार्य करते हुए #सीआईए_रेवाड़ी ने ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ के तहत कार्यवाही करते हुए गोली मारकर गाड़ी व नकदी लुटने के मामले में तीसरे आरोपी बंटी सिंह निवासी भगवतपुरा जिला मेरठ यूपी को गिरफ्तार कर,लिया पुलिस रिमांड पर। pic.twitter.com/oOb3cRx99W
— Rewari Police (@rewaripolice) December 20, 2025
पांच दिन की रिमांड, रविवार को होगी पूरी
इस मामले में सोमवार रात कैब लूटने वाले देवांशु और शुभम को पुलिस ने कुछ ही घंटों बाद 16 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों से लूटी गई कार के अलावा दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 89 कारतूस, जीपीएस ट्रैकर, जैमर, चार मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया था। आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था, जो 21 दिसंबर को पूरा होगा। रिमांड के दौरान दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
कोचिंग के दौरान हुई थी पहचान
जांच में सामने आया है कि अजमेर निवासी देवांशु और आजमगढ़ निवासी शुभम एक-दूसरे को साल 2019 से जानते हैं। दोनों उस समय एक साथ कोचिंग कर रहे थे और वहीं से उनकी दोस्ती हुई थी। देवांशु ने खुद को शुभम के सामने खनन कारोबारी बताया था। जब शुभम नौकरी की तलाश में था तो देवांशु ने उसे काम दिलाने का भरोसा देकर अपने पास बुलाया और बाद में वारदात में शामिल कर लिया।
दिल्ली से जयपुर के लिए बुक की थी कैब
पुलिस के अनुसार देवांशु ने दिल्ली के एक युवक के जरिए दिल्ली से जयपुर के लिए टैक्सी बुक कराई थी। कैब चालक अलीगढ़ निवासी संजय जब धारूहेड़ा के पास पहुंचा तो आरोपियों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। जब चालक ने गाड़ी देने से इनकार किया तो रात करीब एक बजे बनीपुर चौक पर उसके पैर में गोली मारकर कार और नकदी लूट ली गई। इसके बाद आरोपियों ने चालक को रेवाड़ी में फेंक दिया और फरार हो गए।
सनकी स्वभाव, पुलिस को भी शक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि देवांशु पढ़ा-लिखा और साधन संपन्न है लेकिन उसका व्यवहार सनकी किस्म का है। इसी कारण पुलिस उसकी बातों पर सीधे भरोसा नहीं कर रही और हर पहलू से जांच कर रही है। इस मामले में सुरेंदर श्योराण ने बताया कि हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद कई अहम कड़ियां सामने आई हैं। अब यह भी जांच की जा रही है कि बंटी ने हरियाणा में और किन लोगों को हथियार सप्लाई किए थे।
