भारत को मिली 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी
गौरव का पल! भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी का अधिकार मिल गया है। 2010 के बाद यह दूसरी बार है जब देश इन खेलों की मेजबानी करेगा। अहमदाबाद बनेगा इस ऐतिहासिक आयोजन का गवाह।
गौरव का पल! भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी का अधिकार मिल गया है। 2010 के बाद यह दूसरी बार है जब देश इन खेलों की मेजबानी करेगा। अहमदाबाद बनेगा इस ऐतिहासिक आयोजन का गवाह।
ग्लास्गो में हुई कॉमनवेल्थ गेम्स जनरल असेंबली की बैठक में आधिकारिक तौर पर भारत को 2030 की मेजबानी सौंपी गई। 74 देशों के प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।
अहमदाबाद ने नाइजीरिया के अबुजा को पीछे छोड़ते हुए मेजबानी हासिल की। अबुजा को 2034 के खेलों के लिए विचार किया जाएगा, जबकि अहमदाबाद 2030 का केंद्र बनेगा।
2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की शताब्दी पूरी होगी। इस खास मौके पर भारत में आयोजन होना गर्व की बात है। यह आयोजन एक नए स्वर्ण युग की शुरुआत मानी जा रही है।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी.टी. उषा, खेल मंत्री हर्ष संघवी और संयुक्त सचिव कुणाल ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उषा ने कहा - यह देश पर विश्वास का प्रतीक है।
2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स में 15-17 खेल होंगे। इनमें एथलेटिक्स, तैराकी, टेबल टेनिस, बॉक्सिंग, भारोत्तोलन और जिमनास्टिक्स शामिल हैं। पैरा एथलीटों के लिए भी आयोजन रहेगा।
इस आयोजन से भारत की वैश्विक छवि मजबूत होगी। अहमदाबाद का खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पिछले दशक में काफी विकसित हुआ है। अब देश ओलंपिक मेजबानी की राह पर भी आगे है।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रमुख डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा – भारत ने युवाओं, संस्कृति और महत्वाकांक्षा से खेलों में नई जान फूंक दी है। यह एक नई शुरुआत का संकेत है।
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