
नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सर्राफा बाजार में पिछले कई दिनों से जारी तूफानी तेजी पर मंगलवार को ब्रेक लग गया। वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखी गई। एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतों में करीब 2% की बड़ी सेंध लगी है जिसने उन खरीदारों को राहत दी है जो कीमतों में सुधार का इंतजार कर रहे थे।
बाजार में क्यों आई गिरावट?
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना है। मंगलवार को डॉलर इंडेक्स उछलकर 97.01 के स्तर पर पहुंच गया। जब भी डॉलर मजबूत होता है विदेशी खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है जिससे डिमांड पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा हालिया रिकॉर्ड तेजी के बाद ट्रेडर्स ने अपना मुनाफा घर ले जाना बेहतर समझा, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
MCX पर क्या हैं ताज़ा आंकड़े?
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सोना: फरवरी वायदा में सोना 0.33% फिसलकर ₹1,57,550 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा। हालांकि दिन के निचले स्तर (₹1,56,001) से इसमें अच्छी रिकवरी भी देखी गई।
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चांदी: मार्च वायदा में चांदी 1.92% टूटकर ₹2,57,567 प्रति किलोग्राम पर आ गई। कारोबार के दौरान एक समय चांदी ₹2,57,100 के निचले स्तर तक भी चली गई थी।
भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की नज़र
भले ही आज कीमतों में गिरावट आई हो लेकिन जानकारों का मानना है कि सोने की चमक फीकी नहीं पड़ने वाली। अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में बढ़ता तनाव और वाशिंगटन की ओर से जारी चेतावनी ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। इतिहास गवाह है कि जब भी युद्ध जैसी स्थिति बनती है निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित ठिकाना (Safe Haven) मानते हैं।
साथ ही बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कम से कम दो बार कटौती कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो सोने की कीमतों को नया रॉकेट फ्यूल मिल सकता है।
एक्सपर्ट की राय: अब आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी के लिए $65–$70 का बैंड एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल डेटा और महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी जो सोने की अगली दिशा तय करेंगे।
प्रमुख रेजिस्टेंस और सपोर्ट लेवल:
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सोना: सपोर्ट ₹1,56,600 | रेजिस्टेंस ₹1,59,100
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चांदी: सपोर्ट ₹2,55,500 | रेजिस्टेंस ₹2,68,000