बिहार में IAS की ‘शाही’ उड़ान पर रार: क्या दलित होने की वजह से उठा सवाल या सरकारी खर्चे पर सैर?
बिहार में आईएएस नीलेश देवरे की चार्टर्ड प्लेन यात्रा पर सियासी घमासान छिड़ गया है। आरजेडी ने खर्चे पर सवाल उठाए, तो मंत्री अशोक चौधरी ने इसे दलित अस्मिता से जोड़ दिया। जानिए क्या है पूरी इनसाइड स्टोरी।
- IAS की चार्टर्ड यात्रा पर विधानसभा में हंगामा
- आरजेडी ने पूछा- अधिकारी ने कैसे उठाया इतना खर्च?
- मंत्री अशोक चौधरी का बचाव में ‘दलित कार्ड’ दांव
- विपक्ष का पलटवार: क्या गरीबों के पैसे से हुई सैर?
पटना: बिहार के प्रशासनिक गलियारे से निकलकर एक चार्टर्ड प्लेन की उड़ान अब विधानसभा की दहलीज पर सियासी बवंडर बन चुकी है। पर्यटन विभाग के विशेष सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे की एक पुरानी हवाई यात्रा ने न केवल सदन में शोर मचाया, बल्कि राज्य की राजनीति में ‘दलित कार्ड’ बनाम ‘भ्रष्टाचार’ की नई बहस छेड़ दी है। मामला पिछले साल जून का है, जब देवरे ने अपने परिवार के साथ दिल्ली से पटना तक का सफर एक चार्टर्ड प्लेन से तय किया था। सोमवार को विपक्षी दल आरजेडी ने इस मुद्दे को लपकते हुए सरकार की घेराबंदी कर दी।
क्या है पूरा विवाद?
आरजेडी विधायक राहुल शर्मा ने सदन में यह सवाल दागकर सनसनी फैला दी कि एक आईएएस अधिकारी आखिर चार्टर्ड प्लेन का भारी-भरकम खर्च कैसे उठा सकता है? विपक्ष का सीधा हमला इस बात पर था कि क्या यह यात्रा निजी जेब से हुई या सरकारी खर्चे पर परिवार को ‘शाही सैर’ कराई गई। जिस वक्त यह सवाल उठा, नीलेश देवरे सदन में मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी तरफ से मोर्चा संभाला नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी ने।
‘दलित कार्ड’ और सियासत की नई पिच
मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष के आरोपों को सीधे तौर पर जातिगत चश्मे से जोड़ दिया। चौधरी ने स्पष्ट किया कि पिछले साल जुलाई में मुख्यमंत्री के साथ एक आधिकारिक दौरे के बाद विमान को खाली पटना लौटना था। उसी वापसी यात्रा में सचिव देवरे और उनका परिवार सवार हो गया। मंत्री ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पूछा, “क्या देवरे को दलित होने के कारण हवाई यात्रा करने का अधिकार नहीं है?” इस बयान ने आग में घी का काम किया। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार जवाब देने के बजाय ‘दलित कार्ड’ खेलकर मूल प्रश्न से भाग रही है। सवाल यह नहीं है कि कौन विमान में बैठा, सवाल यह है कि क्या यात्रा का किराया सरकारी खजाने से गया या निजी तौर पर भुगतान हुआ?
डॉक्टर से IAS तक का सफर: कौन हैं नीलेश देवरे?
विवादों के केंद्र में आए नीलेश रामचंद्र देवरे 2011 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले देवरे का सफर काफी प्रभावशाली रहा है। उनके पिता कृषि विभाग में अधिकारी थे। खास बात यह है कि यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास करने से पहले उन्होंने नवी मुंबई से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी की थी। एक डॉक्टर से कलेक्टर और फिर विशेष सचिव बनने तक का उनका करियर अब इस चार्टर्ड प्लेन विवाद के साये में है।
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