नई दिल्ली: स्पेशल डेस्क रिपोर्ट: राजधानी दिल्ली में अब सरकारी राशन की दुकान पर भीड़ तो दिखेगी लेकिन चेहरा बदल जाएगा। दिल्ली सरकार ने अपनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को ‘क्लीन’ करने के लिए एक बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक किया है। ‘दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स, 2026’ की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही उन लोगों के पसीने छूट रहे हैं जो अब तक पात्रता न होने के बावजूद सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा रहे थे।
सरकार का यह कदम सिर्फ कागजी बदलाव नहीं है, बल्कि एक डिजिटल फिल्टर है। इसका सीधा मकसद उन ‘फर्जी लाभार्थियों’ को सिस्टम से बाहर फेंकना है जिन्होंने असली जरूरतमंदों का हक दबा रखा है। न्यूज़ रूम की पड़ताल में सामने आया है कि इस नई व्यवस्था के बाद दिल्ली के लाखों राशन कार्डों पर तलवार लटक गई है।
इन 7 लोगों के लिए बंद हुए राशन के दरवाजे
नए नियमों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने अपात्रता की ऐसी लक्ष्मण रेखा खींची है जिसे पार करना संपन्न परिवारों के लिए नामुमकिन होगा। ये 7 श्रेणियां अब सब्सिडी वाले राशन के घेरे से बाहर हैं:
- सैलरी का गणित: अगर आपके पूरे परिवार की सालाना कमाई 1.2 लाख रुपये से एक रुपया भी ऊपर है, तो आप ‘गरीब’ की श्रेणी में नहीं आते। सरकार आपको आर्थिक रूप से सक्षम मानती है।
- पॉश इलाकों में आशियाना: दिल्ली की ए, बी, सी, डी या ई कैटेगरी वाली कॉलोनियों में अगर आपके नाम कोई पक्का मकान या फ्लैट दर्ज है, तो राशन कार्ड की उम्मीद छोड़ दीजिए।
- टैक्स पेयर्स पर नजर: यदि परिवार का कोई भी सदस्य इनकम टैक्स भरता है, तो सिस्टम आपको ‘जरूरतमंद’ मानने से इनकार कर देगा।
- चार पहिया वाहन की सवारी: घर के बाहर खड़ी कार अब राशन कार्ड कटने का कारण बनेगी। (दिव्यांगों के लिए विशेष छूट के प्रावधान हैं)।
- बिजली का बिल और लोड: अगर आपके घर का बिजली कनेक्शन 2 किलोवॉट से अधिक का है, तो सरकार की नजर में आप मध्यम या उच्च आय वर्ग का हिस्सा हैं।
- सरकारी नौकरी का टैग: केंद्र, राज्य या PSU में स्थायी नौकरी करने वाले परिवारों को अब बाजार भाव पर ही अनाज खरीदना होगा।
- डबल बेनिफिट पर रोक: जो लोग पहले से किसी अन्य खाद्य योजना का लाभ उठा रहे हैं, उन्हें ‘वन नेशन वन कार्ड’ के सिद्धांत के तहत दोहरी सुविधा नहीं दी जाएगी।
डिजिटल होगा सफर: पारदर्शिता की नई दीवार
अब राशन कार्ड बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और बिचौलियों को पैसे देने का दौर खत्म हो गया है। सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ‘पेपरलेस’ और ‘फेसलेस’ बनाने के लिए nfs.delhi.gov.in पोर्टल को अपडेट किया है। अब मोबाइल ओटीपी और आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिससे डेटा की हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।




