रिटायरमेंट की चिंता खत्म! SCSS बना बुजुर्गों का ‘एटीएम’, हर महीने खाते में आएंगे ₹20,000; जानें कैसे

क्या आप रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आजादी चाहते हैं? SCSS स्कीम के जरिए सीनियर सिटीजंस अब हर महीने ₹20,000 से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं। 8.2% की दमदार ब्याज दर और सरकारी सुरक्षा के साथ जानिए निवेश का पूरा गणित।

  • सुरक्षित निवेश और सरकारी गारंटी
  • 8.2% की उच्चतम ब्याज दर
  • महीने की नियमित आय का विकल्प
  • इनकम टैक्स में बड़ी छूट

नई दिल्ली, ब्यूरो: भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेकर जब इंसान रिटायर होता है, तो सबसे बड़ा सवाल ‘नियमित आय’ का होता है। गिरते ब्याज दरों के दौर में बुजुर्गों के लिए अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखना और उस पर सम्मानजनक रिटर्न पाना एक चुनौती बन गया है। इसी चुनौती का समाधान बनकर उभरी है भारत सरकार की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)। यह सिर्फ एक निवेश योजना नहीं, बल्कि बुढ़ापे की वह लाठी है जो वित्तीय आत्मनिर्भरता की गारंटी देती है।

सिर्फ 60 पार ही नहीं, इन लोगों को भी मौका

आमतौर पर माना जाता है कि यह स्कीम सिर्फ 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए है, लेकिन हकीकत में इसका दायरा काफी विस्तृत है। यदि आपने 55 से 60 वर्ष की उम्र के बीच VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) ली है, तो आप भी इस योजना के हकदार हैं। वहीं, देश की सुरक्षा में तैनात डिफेंस रिटायर अधिकारी तो मात्र 50 वर्ष की आयु में ही इस ‘वेल्थ क्रिएटर’ स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं।

ब्याज का गणित: ₹30 लाख के निवेश पर बंपर रिटर्न

बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, SCSS फिलहाल 8.2% की वार्षिक ब्याज दर ऑफर कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तुलना में यह एक बेहद आकर्षक विकल्प है। अगर कोई निवेशक इसमें ₹30 लाख की अधिकतम सीमा तक निवेश करता है, तो साल भर का ब्याज लगभग ₹2.46 लाख बनता है। न्यूजरूम कैलकुलेशन के हिसाब से देखें, तो यह हर महीने करीब ₹20,500 की ‘फिक्स्ड इनकम’ सुनिश्चित करता है। यह रकम एक मध्यमवर्गीय परिवार के मासिक खर्चों को चलाने के लिए पर्याप्त है।

टैक्स की बचत और सुरक्षा का ‘डबल डोज’

SCSS में निवेश करने का एक बड़ा फायदा आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत मिलता है, जहाँ आप ₹1.5 लाख तक की छूट पा सकते हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आपका सालाना ब्याज ₹50,000 से अधिक होता है, तो TDS की कटौती की जाती है। लेकिन अगर आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो Form 15H जमा कर आप इस कटौती को रोक सकते हैं।

5 साल की मैच्योरिटी वाली इस स्कीम को भविष्य में 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है, जो इसे लंबी अवधि का एक भरोसेमंद साथी बनाता है।

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Vinod Yadav

विनोद यादव पिछले 8 साल से पत्रकारिता के साथ जुड़े है और कई बड़े समाचार पोर्टल के साथ काम किया है। ये हरियाणा से है और इनकी हरियाणा प्रदेश की ख़बरों में काफी अच्छी पकड़ है। विनोद यादव ने इसके अलावा कृषि क्षेत्र को भी काफी अच्छे से कवर किया है।