हरियाणा बोर्ड परीक्षा के बाद टैबलेट वापस करना अनिवार्य; देरी की तो रुकेगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, देखें शिक्षा विभाग के नए नियम
चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ‘ई-अधिगम’ योजना के तहत डिजिटल पढ़ाई कर रहे 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए एक बड़ी और बेहद जरूरी खबर है। शिक्षा विभाग ने अब साफ कर दिया है कि बोर्ड परीक्षाओं की समाप्ति के बाद टैबलेट सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि आपकी मार्कशीट की चाबी होगा। विभाग ने नया फरमान जारी करते हुए कहा है कि परीक्षा खत्म होने के महज 5 दिनों के भीतर छात्रों को टैबलेट और सिम कार्ड स्कूल में जमा करने होंगे।
रिजल्ट और सर्टिफिकेट पर ‘ब्रेक’ का खतरा
इस बार विभाग का रुख केवल निर्देश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सख्त कार्रवाई के संकेत भी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई छात्र जानबूझकर टैबलेट जमा करने में देरी करता है या आनाकानी करता है, तो हरियाणा बोर्ड उसका परीक्षा परिणाम (Result) रोक सकता है। इतना ही नहीं, भविष्य की पढ़ाई के लिए अनिवार्य दस्तावेज जैसे स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC), डिटेल मार्क कार्ड (DMC) और चरित्र प्रमाण पत्र भी तभी जारी किए जाएंगे, जब छात्र के पास ‘नो ड्यूज’ की क्लियरेंस होगी।
अगले सत्र की तैयारी, शिक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी
शैक्षणिक सत्र 2025-26 अपने अंतिम पड़ाव पर है। विभाग का तर्क है कि टैबलेट समय पर वापस लेने से अगले बैच के छात्रों को समय पर डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने का जिम्मा क्लास टीचर्स (कक्षा अध्यापकों) को सौंपा गया है। उन्हें न केवल भौतिक रूप से टैबलेट वापस लेने हैं, बल्कि प्रत्येक छात्र का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करना भी अनिवार्य है।
किसे मिलेगी छूट?
नियमों में स्पष्टता देते हुए विभाग ने कहा है कि 9वीं और 11वीं के उन छात्रों को फिलहाल टैबलेट वापस करने की जरूरत नहीं है, जो उसी स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे। यह सख्ती केवल उन छात्रों के लिए है जो बोर्ड परीक्षा के बाद स्कूल छोड़ने वाले हैं या अगली कक्षा में जा रहे हैं जहाँ नए सिरे से आवंटन होना है।
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