नारनौल बाईपास अपडेट: अब 30 मिनट पहले पहुंचेंगे घर, 6-लेन सड़क से बदलेगी शहर की किस्मत; देखें रूट मैप
हरियाणा के नारनौल में 6-लेन बाईपास के साथ विकास की नई शुरुआत। DC कैप्टन मनोज कुमार ने 12 किमी लंबे प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी। ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति और मेडिकल कॉलेज को मिलेगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी। जानें किन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित।
- शहर को ट्रैफिक जाम के पुराने जंजाल से मिलेगी स्थायी राहत
- लॉजिस्टिक हब और मेडिकल कॉलेज के बीच बेहतर होगी कनेक्टिविटी
- 12 किलोमीटर का सफर बचाएगा जनता का कीमती समय
- रिंग रोड के निर्माण से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
नारनौल (महेंद्रगढ़): दक्षिण हरियाणा के व्यापारिक केंद्र नारनौल की सूरत अब बदलने वाली है। शहर की तंग सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक और भारी वाहनों के शोर से परेशान नागरिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। जिला प्रशासन ने प्रस्तावित सिक्स-लेन बाईपास परियोजना को पंख लगाने की तैयारी पूरी कर ली है।
उपायुक्त (DC) कैप्टन मनोज कुमार ने इस प्रोजेक्ट को नारनौल के लिए ‘गेम-चेंजर’ करार देते हुए अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
ट्रैफिक के ‘जंजाल’ से मिलेगी मुक्ति
नारनौल शहर में रोजाना लगने वाले लंबे जाम और बाहरी वाहनों के दबाव ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी की मंशा के अनुरूप इस सिक्स-लेन बाईपास की योजना को विस्तार दिया गया है।
डीसी ने स्पष्ट किया कि यह बाईपास केवल एक सड़क नहीं, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला एक कॉरिडोर होगा। इसके चालू होते ही भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे, जिससे स्थानीय सड़कों पर दबाव कम होगा और प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
30 मिनट की बचत और ‘स्मार्ट’ कनेक्टिविटी
लगभग 12 किलोमीटर लंबा यह बाईपास सफर के समय में ऐतिहासिक कटौती करेगा। अनुमान है कि इस नए रूट के शुरू होने से वाहन चालकों के कम से कम 30 मिनट बचेंगे।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बाईपास नारनौल के इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज को सीधा जोड़ेगा।
इससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक सामान की ढुलाई में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। शहर के चारों ओर एक मजबूत ‘रिंग रोड’ का जाल बिछने से भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं को नई ऊर्जा मिलेगी।
इन गांवों की जमीन पर उतरेगा ‘विकास’
प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए अमरपुर जोरासी, बशीरपुर, गहली, कोरियावास, कुलताजपुर, टहला, मकसूसपुर, थाना और रघुनाथपुरा जैसे गांवों की जमीन चिन्हित की गई है।
डीसी ने बिजली, वन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल बिठाने को कहा है ताकि बिजली के पोल, पेड़ और नहरों से जुड़ी अड़चनों को तुरंत दूर किया जा सके।
प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है, नारनौल को जाम मुक्त बनाना और इसे हरियाणा के एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना।
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