सूडान में कोहराम: ड्रोन हमलों में 15 बच्चों समेत 57 नागरिकों की मौत, UN चीफ ने दी बड़ी चेतावनी!

सूडान में जारी गृहयुद्ध ने भीषण मोड़ ले लिया है। पिछले दो दिनों में हुए ड्रोन हमलों में 15 बच्चों सहित 57 नागरिकों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने बाज़ारों और स्कूलों पर बढ़ते हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है।

  • आसमान से बरसता बारूद और मासूमों की चीखें
  • बाज़ार, स्कूल और शरणार्थी शिविर बने आसान निशाना
  • 48 घंटों के भीतर 57 नागरिकों का बेरहमी से कत्ल
  • ग्रेटर कोर्डोफन बना सूडान गृहयुद्ध का नया केंद्र

न्यूज़ रूम डेस्क: सूडान की धरती इस समय सिर्फ गृहयुद्ध की आग में ही नहीं जल रही, बल्कि अब आसमान से गिरते बारूद ने मासूमों के लिए सांस लेना भी दूभर कर दिया है। पिछले 48 घंटों के भीतर सूडान के अलग-अलग राज्यों में हुए ड्रोन हमलों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 57 नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 15 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

बाज़ारों और स्कूलों पर मंडराता काल

सूडान में चल रहा सत्ता का संघर्ष अब आधुनिक हथियारों की उस खतरनाक दहलीज पर पहुँच गया है जहाँ ‘सटीक निशाने’ के दावे सिर्फ कागजी रह गए हैं।

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रविवार को उत्तरी कोर्डोफन के अल-सफिया बाजार में जब लोग अपनी रोज़ी-रोटी के लिए जुटे थे, तभी एक भीषण ड्रोन हमले ने पूरे इलाके को कब्रिस्तान में बदल दिया। यहाँ 28 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

अगले ही दिन, पश्चिमी कोर्डोफन के अल-सुनुत में एक विस्थापन शिविर (Displacement Shelter) को निशाना बनाया गया। विडंबना देखिए, जो लोग अपनी जान बचाने के लिए अपना घर छोड़कर आए थे, उन्हें वहीं मौत ने गले लगा लिया।

सोमवार को ही दक्षिण कोर्डोफन के डिलिंग में दो प्राथमिक स्कूलों पर भी ड्रोन गिरे, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब सूडान में न बाज़ार सुरक्षित हैं और न ही बच्चों के स्कूल।

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UN की कड़ी चेतावनी: ‘अब बस बहुत हुआ’

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इस खूनी खेल पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचों पर इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं।

तुर्क ने जोर देकर कहा कि ड्रोन युद्ध के विनाशकारी परिणाम सूडान की आम जनता भुगत रही है। उन्होंने दोनों गुटों (SAF और RSF) से अपील की है कि वे नागरिकों को ढाल बनाना बंद करें और सैन्य उद्देश्यों के लिए नागरिक संपत्तियों का इस्तेमाल न करें।

कोर्डोफन: जंग का नया और सबसे खतरनाक मोर्चा

सूडान में करीब तीन साल से चल रहे इस गृहयुद्ध में ‘ग्रेटर कोर्डोफन’ क्षेत्र अब सबसे बड़ा रणक्षेत्र बन गया है।

सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच वर्चस्व की इस लड़ाई ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया है। स्थिति यह है कि मानवीय सहायता पहुँचाना भी अब असंभव होता जा रहा है।

ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल ने इस युद्ध को और अधिक घातक और अनियंत्रित बना दिया है जहाँ बटन दबाने वाला मीलों दूर बैठकर यह तय करता है कि आज किसकी जान जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत में सिर्फ मासूमों का खून बह रहा है।

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REUTERS

Vinod Yadav

विनोद यादव पिछले 8 साल से पत्रकारिता के साथ जुड़े है और कई बड़े समाचार पोर्टल के साथ काम किया है। ये हरियाणा से है और इनकी हरियाणा प्रदेश की ख़बरों में काफी अच्छी पकड़ है। विनोद यादव ने इसके अलावा कृषि क्षेत्र को भी काफी अच्छे से कवर किया है।

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