Cyber Crime Update: अमित शाह का बड़ा एक्शन, साइबर ठगों के ₹8000 करोड़ किए फ्रीज; अब 31 दिसंबर तक बदलेगा पूरा सिस्टम

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Cyber Crime Update: अमित शाह का बड़ा एक्शन, साइबर ठगों के ₹8000 करोड़ किए फ्रीज; अब 31 दिसंबर तक बदलेगा पूरा सिस्टम
Cyber Crime Update: अमित शाह का बड़ा एक्शन, साइबर ठगों के ₹8000 करोड़ किए फ्रीज; अब 31 दिसंबर तक बदलेगा पूरा सिस्टम

नई दिल्ली: भारत की डिजिटल प्रगति के साथ-साथ अब साइबर अपराधियों ने भी अपना कॉरपोरेट ऑफिस खोल लिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को आगाह किया कि साइबर अपराध अब छिटपुट घटनाएं नहीं बल्कि एक संस्थागत (Institutionalised) खतरा बन चुका है। सीबीआई (CBI) द्वारा आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में शाह ने साफ कर दिया कि ठग भले ही तकनीक में दो कदम आगे रहने की कोशिश करें लेकिन मोदी सरकार उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए निर्णायक युद्ध छेड़ चुकी है।

ठगों की जेब से वापस आए ₹8000 करोड़

गृह मंत्री ने आंकड़ों के जरिए साइबर सुरक्षा की गंभीर तस्वीर पेश की। 30 नवंबर 2025 तक देश में लगभग 82 लाख साइबर शिकायतें दर्ज की गईं जिनमें से 1.84 लाख मामलों को FIR में बदला गया। शाह ने एक बड़ी कामयाबी का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा एजेंसियों और I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) की मुस्तैदी से ठगों द्वारा उड़ाए गए ₹20,000 करोड़ में से ₹8,000 करोड़ से अधिक की राशि को फ्रीज या रिकवर कर लिया गया है।

तीन स्तंभों पर प्रहार: सिम, बैंक खाते और ‘साइबर गुलामी’

अमित शाह ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि अब सिर्फ अपराधी को पकड़ना काफी नहीं है बल्कि उस पूरे इकोसिस्टम को उखाड़ना होगा जिससे ये अपराध फल-फूल रहे हैं। सरकार अब तीन मोर्चों पर एक साथ वार कर रही है:

  1. फाइनेंशियल पिलर: म्यूल अकाउंट्स (किराये के खाते) और मनी लॉन्ड्रिंग के रास्तों को बंद करना।

  2. टेलीकॉम पिलर: फर्जी SIM और eSIM के गलत इस्तेमाल पर लगाम।

  3. ह्यूमन पिलर: ‘साइबर स्लेवरी’ यानी मानव तस्करी के जरिए जबरन ठगी करवाने वाले विदेशी स्कैम कंपाउंड्स का खात्मा।

31 दिसंबर तक सभी बैंक होंगे एक ही ‘कवच’ के नीचे

डिजिटल सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए शाह ने एक बड़ी डेडलाइन तय की है। वर्तमान में 62 बैंक और वित्तीय संस्थान रीयल-टाइम रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क से जुड़े हैं। गृह मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि 31 दिसंबर 2025 तक देश के सभी कोऑपरेटिव बैंकों को भी इस सुरक्षा घेरे में शामिल कर लिया जाएगा ताकि ठगी होते ही पैसा तुरंत ब्लॉक किया जा सके।

CBI की नई विंग और S4C डैशबोर्ड लॉन्च

इस अवसर पर गृह मंत्री ने सीबीआई की नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन किया और I4C का S4C डैशबोर्ड भी लॉन्च किया। यह डैशबोर्ड देश भर की एजेंसियों को डेटा शेयरिंग और रियल-टाइम एक्शन में मदद करेगा। शाह ने साफ कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल अब सिर्फ अपराधी ही नहीं बल्कि हमारी पुलिस भी करेगी ताकि सीमित जनशक्ति के बावजूद जांच की रफ्तार को कई गुना बढ़ाया जा सके।

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