किराना हिल्स स्ट्राइक का सच: टॉम कूपर का दावा, क्या IAF ने तबाह किया था पाकिस्तान का परमाणु अड्डा?

इतिहासकार टॉम कूपर ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित परमाणु ठिकानों पर सटीक हमला किया था। ब्रह्मोस और राफेल की मदद से भारत ने पाकिस्तान के रडार नेटवर्क और रणनीतिक सुरंगों को भारी नुकसान पहुँचाया।

  • टॉम कूपर का किराना हिल्स पर भारतीय हमले का सनसनीखेज दावा
  • पाकिस्तानी रडार सिस्टम और भूमिगत ठिकानों को भारी नुकसान
  • सुखोई, राफेल और ब्रह्मोस मिसाइलों की घातक रणनीतिक जुगलबंदी
  • पाकिस्तान का ऑपरेशन ‘बुनियान-उन-मार्सूस’ पूरी तरह से विफल

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: दक्षिण एशिया के सैन्य इतिहास में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक ऐसी पहेली है, जिसे लेकर आज भी कूटनीतिक गलियारों में फुसफुसाहटें सुनाई देती हैं। अब इस मामले में दुनिया के जाने-माने हवाई युद्ध विश्लेषक और इतिहासकार टॉम कूपर के एक सनसनीखेज दावे ने वैश्विक रणनीतिकारों को चौंका दिया है। कूपर का कहना है कि भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘किराना हिल्स’ (Kirana Hills) पर न केवल सटीक हमला किया, बल्कि इस्लामाबाद की जवाबी शक्ति की रीढ़ भी तोड़ दी थी।

रडार से धुआं और सुरंगों में धमाका: क्या छिपा रहा है पाकिस्तान?

टॉम कूपर ने सोशल मीडिया पर मौजूद उन विजुअल्स का विश्लेषण किया है, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा की मीडिया में नजरअंदाज कर दिया जाता है। कूपर का दावा है कि पाकिस्तानी रक्षा तंत्र के 4091वें स्क्वाड्रन के रडार सेंटर से उठता काला धुआं और पहाड़ियों के सीने को चीरती भारतीय मिसाइलें इस बात की गवाह हैं कि भारत ने पाकिस्तान की ‘आंखें’ फोड़ दी थीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पहले रडार नेटवर्क को पंगु बनाया और फिर उन भूमिगत सुरंगों के प्रवेश द्वारों को निशाना बनाया, जहाँ पाकिस्तान अपने सबसे घातक हथियार छिपाकर रखता है।

‘बुनियान-उन-मार्सूस’ की नाकामी और भारत का अभेद्य कवच

जब पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन ‘बुनियान-उन-मार्सूस’ के जरिए भारत को दहलाने की कोशिश की, तब उसे अंदाजा नहीं था कि वह भारत के ‘एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली’ (Integrated Air Defense System) के जाल में फंस जाएगा। कूपर के विश्लेषण के मुताबिक, भारत ने न केवल पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को आसमान में ही राख कर दिया, बल्कि जवाबी कार्रवाई में 13 से ज्यादा हवाई अड्डों को अपनी जद में ले लिया।

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किराना हिल्स: परमाणु शक्ति का वह केंद्र, जहाँ भारत ने दी ‘चेतावनी’

किराना पहाड़ियां सिर्फ पत्थर के ढेर नहीं हैं; यह पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का दिल मानी जाती हैं। यहाँ की गहराई में पाकिस्तान ने कई परीक्षण किए हैं और अभेद्य बंकर बनाए हैं। कूपर का तर्क है कि भारत द्वारा इस क्षेत्र को चुनना एक ‘सांकेतिक संदेश’ था—”हम वहां भी पहुंच सकते हैं, जहाँ आप खुद को सबसे सुरक्षित समझते हैं।”

हैरानी की बात यह है कि जहाँ भारत इस पर आधिकारिक चुप्पी साधे हुए है, वहीं कूपर पूछते हैं कि आखिर इतने ठोस दृश्यों के बाद भी इसे नकारा क्यों जा रहा है? क्या यह किसी बड़ी कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है?

ब्रह्मोस और राफेल की जुगलबंदी ने बदला गेम

इस ऑपरेशन में भारत ने किसी विदेशी मदद या गुप्त तकनीक का सहारा नहीं लिया। स्वदेशी तकनीक और आधुनिक बेड़े का ऐसा तालमेल दिखा कि पाकिस्तानी डिफेन्स सिस्टम ध्वस्त हो गया। सुखोई-30 से निकली ब्रह्मोस और जगुआर से दागी गई रैम्पेज मिसाइलों ने पहाड़ियों का भूगोल बदल दिया, तो वहीं राफेल की ‘स्कैल्प’ मिसाइलों ने सर्जिकल सटीकता का परिचय दिया।

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टॉम कूपर का यह विश्लेषण ऑपरेशन सिंदूर को केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की एक ‘निर्णायक रणनीतिक जीत’ के रूप में स्थापित करता है, जिसने पाकिस्तान को अमेरिका के जरिए युद्धविराम की भीख मांगने पर मजबूर कर दिया था।

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Vinod Yadav

विनोद यादव पिछले 8 साल से पत्रकारिता के साथ जुड़े है और कई बड़े समाचार पोर्टल के साथ काम किया है। ये हरियाणा से है और इनकी हरियाणा प्रदेश की ख़बरों में काफी अच्छी पकड़ है। विनोद यादव ने इसके अलावा कृषि क्षेत्र को भी काफी अच्छे से कवर किया है।

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