वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू: PM मोदी ने दी हरी झंडी, अब राजधानी से तेज और फ्लाइट जैसा सफर; चेक करें रूट और किराया
भारतीय रेलवे ने पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च कर लंबी दूरी की यात्रा में क्रांति ला दी है। 180kmph की रफ्तार, कवच सुरक्षा और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ यह ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलेगी। जानें किराया और सुविधाएं।
- वंदे भारत स्लीपर का ऐतिहासिक आगाज
- 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और ‘कवच’ सुरक्षा
- बिना वेटिंग और RAC वाला नया बुकिंग मॉडल
- देशभर में 260 नई स्लीपर ट्रेनों का मास्टरप्लान
नई दिल्ली/मालदा: भारतीय रेलवे के इतिहास में 17 जनवरी 2026 की तारीख एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सिर्फ एक ट्रेन की शुरुआत नहीं बल्कि भारतीय रेल के उस कायाकल्प की दस्तक है जहां अब मध्यम वर्ग का यात्री भी बिना थकान और शोर-शराबे के ‘हवाई सफर’ जैसी सुखद नींद के साथ अपनी मंजिल तक पहुंचेगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के विजन के तहत सरकार का लक्ष्य देशभर में ऐसी 260 वंदे भारत स्लीपर रैक उतारने का है। यह प्रोजेक्ट सीधे तौर पर दशकों से राज कर रही राजधानी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों को कड़ी चुनौती देने वाला है।
हावड़ा से कामाख्या: पूर्वोत्तर के लिए नई जीवनरेखा
अपनी पहली यात्रा में यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच का सफर तय कर रही है। लगभग 958 किलोमीटर की यह दूरी जो पहले एक थकाऊ यात्रा मानी जाती थी, अब महज 14 घंटे में सिमट जाएगी। यह ट्रेन शाम 6:20 बजे हावड़ा से चलेगी और अगली सुबह सूरज की पहली किरण के साथ आपको कामाख्या मंदिर के करीब पहुंचा देगी।
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डिजाइन में ‘फ्यूचरिस्टिक’ टच और सुरक्षा का ‘कवच’
वंदे भारत स्लीपर को 180 किमी/घंटा की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। इसके 16 कोचों में फर्स्ट, सेकंड और थर्ड एसी की व्यवस्था है। यात्रियों की सहूलियत के लिए इसमें एक्स्ट्रा कुशनिंग वाली बर्थ, ऊपर जाने के लिए आधुनिक सीढ़ियां और बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स दिए गए हैं।

सुरक्षा के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं किया गया है। ट्रेन में स्वदेशी ‘कवच’ (KAVACH) एंटी-कोलिजन सिस्टम लगा है, जो दो ट्रेनों की टक्कर को रोकता है। साथ ही, हर कोच में सीसीटीवी और ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर दिए गए हैं, जो केवल स्टेशनों पर ही खुलेंगे।
वेटिंग लिस्ट का झंझट खत्म, मिलेगा ‘कन्फर्म’ सुकून
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी बुकिंग पॉलिसी है। रेलवे ने साफ किया है कि इसमें कोई RAC या वेटिंग लिस्ट का प्रावधान नहीं होगा। यानी अगर आपके पास टिकट है, तो आपकी बर्थ पक्की है। हालांकि, इसकी कीमत पारंपरिक ट्रेनों से थोड़ी ज्यादा हो सकती है (अनुमानित ₹2,000 से ₹3,600 के बीच), लेकिन समय की बचत और मिलने वाली लग्जरी इसे वसूल बनाती है।
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