हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: ओलावृष्टि से ठिठुरा प्रदेश, गेहूं-सरसों की चांदी या किसानों की बढ़ी आफत? जानें अगले 72 घंटों का अपडेट
हरियाणा में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। दिन का पारा 7 डिग्री गिरा है, जिससे ठिठुरन बढ़ी है। गेहूं और सरसों की फसलों पर इसके असर और आगामी मौसम की विस्तृत रिपोर्ट।
- हरियाणा के कई जिलों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि
- दिन के पारे में भारी गिरावट और रात के तापमान में उछाल
- गेहूं और सरसों की फसलों पर मौसम का मिला-जुला असर
- आगामी 23 फरवरी तक के लिए मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान
चंडीगढ़/हिसार: हरियाणा में कुदरत का अजीबोगरीब मिजाज देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ लोग बढ़ती गर्मी की आहट महसूस कर रहे थे, वहीं अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे प्रदेश के मौसम को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के बड़े हिस्से में आसमान से बरसी राहत और आफत की बूंदों ने न केवल तापमान का गणित बिगाड़ दिया है, बल्कि किसानों की धड़कनें भी तेज कर दी हैं।
धूल भरी हवाओं के साथ 2.9 MM बारिश का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में औसतन 2.9 MM बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान 25 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं ने मार्च के करीब आते ही जनवरी जैसी ठिठुरन का एहसास करा दिया। बारिश का सबसे ज्यादा असर जींद, हिसार, हांसी, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, फतेहाबाद, पलवल, नूहं, फरीदाबाद, और नारनौल में देखा गया। वहीं, भिवानी और रेवाड़ी के कुछ इलाकों में ओले गिरने से सफेद चादर बिछ गई, जिसने ठिठुरन को और बढ़ा दिया।
तापमान का खेल: दिन में ठंड, रात में उमस
मौसम में आए इस बदलाव का सबसे दिलचस्प असर तापमान के आंकड़ों पर पड़ा है। बारिश और बादलों की वजह से दिन का अधिकतम तापमान 7.1 डिग्री तक लुढ़ककर 20.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जो सामान्य से 3.5 डिग्री कम है। इसके उलट, रात का पारा 2 डिग्री चढ़कर 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री ज्यादा है। दिन और रात के तापमान के बीच कम होते इस फासले ने मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा दिया है।
खेतों में खुशी और खौफ का मंजर
खेती-किसानी के लिहाज से यह बारिश ‘अमृत’ और ‘जहर’ दोनों साबित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जिन इलाकों में सिर्फ हल्की बूंदाबांदी हुई है, वहां गेहूं और सरसों की फसलों को जबरदस्त फायदा होगा। गेहूं की बालियां इस वक्त खिल रही हैं और उन्हें ठंडक की जरूरत है। बागवानी और सब्जियों के लिए भी यह नमी टॉनिक का काम करेगी। हालांकि, भिवानी और रेवाड़ी जैसे जिलों में जहां ओलावृष्टि हुई है, वहां सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
अगले 72 घंटे: क्या फिर होगी बारिश?
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 20 से 23 फरवरी के बीच प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। हालांकि, बीच-बीच में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और कहीं-कहीं हल्की छींटे पड़ सकते हैं। यदि हवाओं की गति धीमी रही, तो सुबह के समय धुंध और कोहरा देखने को मिल सकता है। आने वाले दो-तीन दिनों में रात के तापमान में गिरावट आएगी, जिसके बाद एक बार फिर गर्मी का दौर शुरू होने की संभावना है।
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