Haryana News: हरियाणा के सरकारी गलियारों से इस वक्त एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है जो सीधे तौर पर प्रदेश के उन हजारों युवाओं से जुड़ी है जो ग्रुप-डी की नौकरियों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अब भर्ती प्रक्रिया की उलझनों को सुलझाने और खाली पड़े पदों को भरने के लिए कमर कस ली है। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी एक ताजा फरमान ने सभी विभागाध्यक्षों की हलचल तेज कर दी है।

असल में, सरकार चाहती है कि ग्रुप-डी कर्मचारियों के समायोजन और उनकी पोस्टिंग का काम अब और न लटके। इसके लिए हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के पोर्टल पर सभी खाली पदों का विवरण तुरंत अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। साफ कहा गया है कि अब देरी की कोई गुंजाइश नहीं है और विभागों को यह काम महज एक हफ्ते के भीतर निपटाना होगा।

इस पूरी कवायद के पीछे सरकार की मंशा उन अभ्यर्थियों को राहत देना है जिन्होंने परीक्षा पास कर ली, चयन सूची में जगह बना ली लेकिन अभी तक ज्वाइनिंग की चिट्ठी का इंतजार कर रहे हैं। कई बार तकनीकी दिक्कतों या पदों की सही जानकारी न होने की वजह से युवाओं को एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब पोर्टल पर जो प्राथमिकताएं (Preferences) युवाओं ने पहले ही दर्ज की हैं उन्हीं के आधार पर उन्हें खाली जगहों पर तैनात किया जाएगा।

लेकिन इस बार सरकार सिर्फ डेटा नहीं मांग रही बल्कि जवाबदेही भी तय कर रही है। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो भी जानकारी पोर्टल पर डाली जाएगी उसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित करना होगा। एक सर्टिफिकेट देना होगा कि जो डेटा दिया गया है वह पूरी तरह सच और सटीक है।

यह सख्ती इसलिए जरूरी है क्योंकि अक्सर गलत जानकारी की वजह से बाद में पूरी प्रक्रिया कानूनी पचड़ों में फंस जाती है। जब विभाग अपनी मुहर लगाकर डेटा देंगे तभी नए अनुशंसित कर्मचारियों की पोस्टिंग का रास्ता साफ होगा। जमीन पर बैठे उस आम युवा के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है जो पिछले काफी समय से अपनी मेहनत का फल मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना यह होगा कि सरकारी महकमे इस एक हफ्ते की डेडलाइन को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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