वाशिंगटन / मियामी: अमेरिकी विदेश नीति में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के खिलाफ बने नए सख्त कानून के तहत मिलने वाले प्रतिबंधों में अभूतपूर्व ढील (Exemption) दे दी। ट्रंप के इस चौंकाने वाले शासकीय आदेश (Executive Order) से रूस के साथ-साथ वहां से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले भारत और चीन समेत पांच प्रमुख देशों को 100 फीसदी आयात शुल्क (Tariff) के भारी झटके से फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है।
हालांकि, इस फैसले की घोषणा होते ही वाशिंगटन के सियासी गलियारों में तीखा विरोध शुरू हो गया है। मार-ए-लागो रिसॉर्ट (Mar-a-Lago Resort) में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने अपने कदम का पुरजोर बचाव (Defense) किया। उन्होंने कहा, "यह एक बेहतरीन फैसला है, जो देश और पूरी दुनिया दोनों के लिए सकारात्मक साबित होगा। अभी बहुत से लोग इस फैसले की दूरगामी रणनीति को समझ नहीं पा रहे हैं, लेकिन जल्द ही इसका मतलब साफ हो जाएगा।"
क्या है ग्राहम एक्ट और कैसे मिली राहत?
अमेरिकी कांग्रेस (US Congress) द्वारा भारी बहुमत से पारित 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' का मुख्य मकसद रूसी ऊर्जा व्यापार पर लगाम लगाना था। कानून में प्रावधान था कि रूस से ईंधन खरीदने वाले शीर्ष देशों पर 100% दंडात्मक शुल्क (Penalty Tariff) लगाया जाएगा। ट्रंप के नए आदेश के अनुसार, यह राहत तब तक जारी रहेगी जब तक राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री की सलाह से आगे की समीक्षा (Review) पूरी नहीं कर लेते।
अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी में घिरे ट्रंप
ट्रंप के इस फैसले का विरोध केवल विपक्षी डेमोक्रेट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) के दिग्गज नेताओं ने भी तीखे तेवर अपना लिए हैं:
- डार्लिन ग्राहम का पलटवार: दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन और सांसद डार्लिन ग्राहम ने कहा कि युद्ध खत्म कराने के लिए रूस पर अधिकतम दबाव (Maximum Pressure) बनाना जरूरी था, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं किया जा सकता।
- 'तानाशाह के सामने आत्मसमर्पण': उत्तरी कैरोलाइना के सीनेटर थॉम टिलिस ने कड़े शब्दों में कहा कि सीनेट द्वारा 86-11 के विशाल बहुमत से पास किए गए बिल को नजरअंदाज करना अक्षम्य (Unforgivable) है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन एक आक्रामक रूसी तानाशाह के आगे घुटने टेक रहा है। टिलिस ने सुझाव दिया कि यदि ऊर्जा की बढ़ती कीमतें कम करनी हैं तो रूस को राहत देने के बजाय ईरान से जुड़े तनाव को खत्म किया जाना चाहिए।
- सीनेटर कॉर्निन की नाराजगी: टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने भी रेखांकित किया कि जिस बिल को लिंडसे ग्राहम ने दिन-रात एक करके पारित करवाया था, उसे कमजोर किए जाने से संसद की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
