उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले में सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत में छत का प्लास्टर गिरने से 7 से 8 साल के तीन बच्चे घायल हो गए। घटना की मीडिया रिपोर्ट पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उदयपुर के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें घायल बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का ब्योरा भी शामिल करना होगा।
आयोग के अनुसार, यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसी आधार पर जिला प्रशासन से घटना की जानकारी और संबंधित कार्रवाई का विवरण मांगा गया है।
घायल बच्चे खुद पहुंचे घर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल की कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने से तीन बच्चों के सिर में चोटें आईं। घटना के समय स्कूल में कोई शिक्षक मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। घायल बच्चे खुद चलकर घर पहुंचे, जिसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
घटना के बाद स्कूल को बंद करने का आदेश दिए जाने की जानकारी भी 7 अक्टूबर 2026 की मीडिया रिपोर्ट में दी गई थी।
स्कूल की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था पर सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल की इमारत की आखिरी बार मरम्मत वर्ष 2020 में हुई थी। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से बच्चों की कक्षाएं संचालित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
NHRC की ओर से मांगी गई रिपोर्ट में घायल बच्चों की स्थिति के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट सौंपने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।



