मडगांव (गोवा): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) राहुल गांधी ने दक्षिण गोवा के मडगांव में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग (Election Commission) पर सीधा हमला बोलते हुए तीखे सियासी तीर चलाए हैं। कांग्रेस की 'गोय राखोन यात्रा' (Goa Protection March) में शामिल होकर कार्यकर्ताओं के साथ करीब दो किलोमीटर तक पैदल मार्च करने के बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner - CEC) ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को शीर्ष नेतृत्व का खुला समर्थन हासिल है, लेकिन कांग्रेस संविधान की रक्षा (Protection of Constitution) के लिए हर स्तर पर मुकाबला करने के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वक्त में सभी को अपने फैसलों और कामकाज के लिए न्याय के कटघरे में जवाबदेह (Accountable) होना पड़ेगा।
शिक्षा और युवाओं के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश की मजबूत शिक्षा व्यवस्था (Education System) को दरकिनार कर अब छात्र प्रदर्शनकारियों (Student Protesters) की आवाज दबाने के लिए पैलेट गन (Pellet Guns) जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
अपने ऊपर दर्ज मुकदमों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके खिलाफ 45 से अधिक मानहानि के मामले (Defamation Cases) दर्ज हैं, जिनमें से कई मामले सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार सार्वजनिक मंचों से वोट चोरी का आरोप लगाने के बावजूद उन पर इस खास मुद्दे को लेकर कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाता। उनके अनुसार, सत्ता पक्ष को डर है कि अगर इस विषय पर कोर्ट में कानूनी लड़ाई (Legal Battle) शुरू हुई, तो संस्थागत विफलताएं खुलकर सामने आ जाएंगी।
