शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
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नासिक में दूषित बोरवेल के पानी पर NHRC सख्त, महाराष्ट्र सरकार से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

महाराष्ट्र के नासिक स्थित दत्तानगर में दूषित बोरवेल के पानी की खबर पर NHRC ने स्वतः संज्ञान लिया। मुख्य सचिव और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगा।

नासिक में दूषित बोरवेल के पानी पर NHRC सख्त
नासिक में दूषित बोरवेल के पानी पर NHRC सख्त
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महाराष्ट्र के नासिक जिले के दत्तानगर इलाके में बोरवेल का पानी दूषित होने की खबर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्टों में औद्योगिक क्षेत्र के कारखानों से रासायनिक अपशिष्ट के रिसाव को पानी दूषित होने की वजह बताया गया है। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। महाराष्ट्र राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी जवाब मांगा गया है।

आयोग के अनुसार, यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला हो सकता है। मामला नासिक के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित दत्तानगर का है, जहां स्थानीय लोगों को पिछले दो महीनों से दूषित पानी मिलने की बात कही गई है।

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बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर असर की आशंका

7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दूषित पानी की स्थिति को देखते हुए बच्चों को स्कूल नहीं जाने की सलाह दी गई है। वहीं, डॉक्टरों ने क्षेत्र की महिलाओं को गर्भधारण से बचने की सलाह दिए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दूषित पानी की वजह से हुई बीमारियों या स्वास्थ्य संबंधी मामलों की विस्तृत संख्या नहीं दी गई है।

स्वच्छ पानी और इलाज पर बढ़ रहा खर्च

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दत्तानगर के निवासियों को पीने के लिए स्वच्छ पानी खरीदने पर हर महीने करीब 5,000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा इलाज पर भी लोगों का काफी पैसा खर्च हो रहा है।

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आयोग ने मामले में महाराष्ट्र सरकार और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगा है। अब संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट से दूषित पानी की स्थिति, उसके संभावित स्रोत और लोगों पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में दूषित पानी की स्वतंत्र जांच के नतीजे या जिम्मेदार कारखानों की पहचान का विवरण नहीं दिया गया है।

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लेखक के बारे में

Vinod Yadav

Founder & Editor

Vinod Yadav is the Founder & Editor of Virat Bharat and has been working in the news media sector for the past 12 years. He holds a B.Tech degree in Agriculture and is currently employed at the Genman Textile Company. He focuses his writing primarily on agriculture, farmers, rural areas, and issues related to the agricultural sector.

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