शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
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Haryana News: मौसम के बदले मिजाज के बीच ग्राउंड पर उतरा प्रशासन, कैथल ने धान उठान में बनाया नया रिकॉर्ड

कैथल जिले में धान खरीद और उठान प्रक्रिया तेजी से जारी है। बारिश की चुनौती के बावजूद 64% उठान के साथ कैथल पूरे हरियाणा में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रशासन मंडियों में जलभराव रोकने और किसानों को सुविधा देने के लिए अलर्ट है।

Haryana News: मौसम के बदले मिजाज के बीच ग्राउंड पर उतरा प्रशासन, कैथल ने धान उठान में बनाया नया रिकॉर्ड
Haryana News: मौसम के बदले मिजाज के बीच ग्राउंड पर उतरा प्रशासन, कैथल ने धान उठान में बनाया नया रिकॉर्ड
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कैथल: हरियाणा के कृषि बाहुल्य जिले कैथल में धान खरीद का चालू सीजन इस वक्त अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। हालिया बारिश ने भले ही कुछ समय के लिए मंडियों की रफ्तार पर ब्रेक लगाने की कोशिश की हो, लेकिन जिला प्रशासन की सख्त मॉनिटरिंग और ग्राउंड वर्क के दम पर जिले ने प्रदेश भर में अपनी साख मजबूत की है। कैथल जिला अब तक खरीदे गए कुल धान में से लगभग 64 प्रतिशत का सफलतापूर्वक उठान कर पूरे राज्य में कुरुक्षेत्र और पंचकूला के बाद तीसरे स्थान पर काबिज हो गया है।

3.18 लाख मीट्रिक टन की आवक, 2.04 लाख का उठान पूरा

जिले की तमाम अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों का आंकड़ा देखें तो अब तक कुल 3 लाख 18 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें से 2 लाख 4 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान की बोरियों को गोदामों और मिलों तक पहुंचा दिया गया है।

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उपायुक्त (DC) अपराजिता खुद इस पूरी प्रक्रिया की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र को साफ निर्देश जारी किए हैं कि मंडी परिसर में आने वाले किसी भी किसान को न तो फसल सुखाने/रखने में असुविधा हो और न ही उठान में देरी के कारण मंडी में जाम की स्थिति बने। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को ध्यान में रखते हुए तिरपाल, शेड और जल निकासी की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश के बाद ग्राउंड जीरो पर DFC का दौरा, जलभराव की आशंका खारिज

पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश के कारण उठान की गति में जो आंशिक धीमापन आया था, उसे दूर करने के लिए जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक (DFC) वरिंदर सिंह ने खुद मंडियों का तूफानी दौरा किया। उन्होंने खरीद एजेंसियों और मार्किट कमेटी के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

दौरे के बाद DFC ने स्पष्ट किया कि बारिश के बावजूद किसी भी मंडी में जलभराव की समस्या नहीं पनपने दी गई। सभी ड्रेनेज सिस्टम चालू हालत में पाए गए। उन्होंने बताया कि अब उठान गाड़ियों और लेबर की संख्या बढ़ाकर प्रक्रिया को 'फास्ट-ट्रैक' मोड पर डाल दिया गया है।

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MSP और नमी मानकों पर सख्त निगरानी

मंडियों में किसानों की सहूलियत के लिए विशेष नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और निर्धारित नमी के मानकों के अनुरूप ही पारदर्शी तरीके से खरीद की जा रही है। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि किसान अपनी उपज बेचे और बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के समय पर अपने भुगतान व उठान की प्रक्रिया को पूरा होते देख सके।

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