धारूहेड़ा (रेवाड़ी): दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 एक बार फिर तेज रफ्तार और हाईवे किनारे खड़े हादसों के मुहाने बने वाहनों की बलि चढ़ गया। शनिवार देर रात करीब 3 बजे धारूहेड़ा थाना क्षेत्र में जंगल बेबलर के ठीक सामने एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने हाईवे की रात्रिकालीन गश्त और सड़क सुरक्षा के इंतजामों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। जयपुर से दिल्ली की ओर एल्युमिनियम की भारी-भरकम प्लेटें लेकर जा रहा एक ट्रक, सड़क किनारे खड़ी रोड़ी की गाड़ी में जा घुसा। टक्कर इतनी भयानक थी कि परखच्चे उड़े ट्रक के केबिन में चालक की दर्दनाक मौत हो गई।
रात 3 बजे का वो खौफनाक पल
चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब जयपुर की तरफ से आ रहा एल्युमिनियम प्लेटों से भरा ट्रक (ड्राइवर: अर्जुन, उम्र लगभग 30 वर्ष, निवासी अजमेर, राजस्थान) सामान्य रफ्तार से दिल्ली की दिशा में बढ़ रहा था। इसी दौरान जंगल बेबलर के पास सड़क किनारे पहले से एक रोड़ी से लदा ट्रक खड़ा था, जिसमें अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण उसे वहीं रोक दिया गया था।
अंधेरा और संभावित रूप से कोई इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर न होने की वजह से पीछे से आ रहे एल्युमिनियम लदे ट्रक के चालक अर्जुन को समय पर खड़े ट्रक का अंदाजा नहीं लग सका। जब तक ब्रेक दबते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भयंकर धमाके के साथ एल्युमिनियम वाला ट्रक खड़े वाहन के पिछले हिस्से में समा गया।
बॉडी काटकर निकाला गया चालक का शव
टक्कर का प्रभाव इतना तीव्र था कि ट्रक का अगला केबिन पूरी तरह से लोहे के मलबे में तब्दील हो गया। चालक अर्जुन उसी केबिन में अंदर बुरी तरह फंस गया। राहगीरों की सूचना पर धारूहेड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। राहत कार्य में जुटी पुलिस और स्थानीय लोगों ने देखा कि केबिन इस कदर पिचक चुका था कि सीधे चालक को बाहर निकाल पाना नामुमकिन था।
जांच अधिकारी सतेंद्र की देखरेख में तुरंत कटर मंगाया गया और गाड़ी की बॉडी काटकर काफी मशक्कत के बाद अर्जुन को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया।
हाईवे पर लगा जाम, खड़े ट्रक का चालक फरार
हादसे के तुरंत बाद दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के हाईवे के बीचों-बीच होने के कारण जयपुर-दिल्ली मार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए और कुछ ही देर में लंबा जाम लग गया। पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे कराया और फिर यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि रोड़ी लदे ट्रक का चालक गाड़ी खराब होने के बाद बिना किसी चेतावनी संकेत के वाहन को सड़क पर ही छोड़कर मौके से खिसक गया था। फिलहाल धारूहेड़ा थाना पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी है और मामले की कानूनी कार्रवाई जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर से NH-48 पर सड़क किनारे बिना रिफ्लेक्टर या सुरक्षा चेतावनी के खड़े किए जाने वाले वाहनों के खतरे को उजागर कर दिया है, जो रात के वक्त वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रहे हैं।






