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Tata Open 2025: Shubham Jaglan vs Yuvraj Sandhu, who will be the new champion in the final?

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  • Shubham Jaglan and Yuvraj Sandhu lead with 14-under 199
  • Jaglan on way to first title of career, Sandhu nears record seventh title
  • Two crore prize money tournament at its peak ahead of final round
  • The rest of the field is five shots behind, the match is now between two players

The thrill of the Tata Open 2025 season finale at the Beldih and Golmuri Golf Courses in Jamshedpur is finally in its final phase.All eyes are now on only two names in the tournament, which carries a prize money of Rs 2 crore.

21-year-old Shubham Jaglan from Gurugram and veteran golfer Yuvraj Sandhu from Chandigarh.Both are tied with a 14-under 199 and Sunday’s final round will decide who will be the new champion.

Janglan’s quiet confident race

Shubham Jaglan played a game on Saturday that brought him straight to the limelight.A six-under 65 score without any error on the third day… a game of maturity with three birdies, an eagle and a golfer’s age.

Shubham started off brilliantly in the morning at Golmuri.The conversion of two seven feet and two 15 feet boosted the confidence.The rhythm of the game slowed down a bit as soon as he arrived at the Beldih course in the back-nine, but two brilliant cross-savings became a turning point for him.

“It was a new experience for me to play the same round in two courses.The journey disturbed some momentum, but enjoyed playing under pressure.Today the leader was in the group for the first time, the crowd pressure was different, but today I seem to have proved myself.” ”

Yuvraj Sandhu: Fresh hunger after big achievement

Yuvraj Sandhu has already secured a place in the DP World Tour for next year by winning the PGTI Order of Merit.But the story doesn’t end here.

Sandhu has already won six titles this season and now the seventh title can put him in the record book like no one did in a year.

Yuvraj played a three-under 68 card on the third day.A fantastic start at Golmuri, but miss a few in Beldih… especially two three-pots.

“This will be my last competitive round of 2025, so I intend to throw everything away.I will learn from the mistakes that happened and play aggressively on Sunday.” ”

The rest of the field is behind, fans are just two

The difference between the top two players is now not just about the game, but also about mental strength.While Jaglan is on the threshold of his first title of his career, Sandhu is trying to write a unique chapter in the domestic circuit on the back of his experience and form.

They are followed by Veer Ahlawat, Khalin Joshi and N. Thangaraja in joint third place on 9-under 204 and are currently far away from the title race.

Excitement at Jamshedpur borders

The Tata Open format was also a new experience for the audience this year.In the first two rounds, the players played turns on both the courses.

In the third and fourth rounds, the Leader Group plays in front-nine Golmuri and back-nine Beldih.This unique combination of total Par 71 is testing both the patience and strategy of the players.

When both the young contenders perform T-off in the final round, it will be not just a score but a dream that a golfer has cherished since his childhood.

रेवाड़ी कैब लूटकांड में बड़ा खुलासा: मेरठ से खरीदे थे हथियार, 85 हजार में हुई डील

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Rewari News: रेवाड़ी के बनीपुर में ड्राइवर को गोली मारकर कैब लूटने के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि इस वारदात के मुख्य आरोपी देवांशु ने हथियार मेरठ के रहने वाले बंटी से खरीदे थे। इसके लिए देवांशु ने दो किस्तों में करीब 85 हजार रुपये का भुगतान किया था। पुलिस ने हथियार सप्लायर बंटी को मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान बंटी से देवांशु को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी अब गहराई से जांच की जा रही है।

85 हजार में पिस्तौल और मैगजीन की डील

पुलिस जांच में सामने आया है कि देवांशु ने बंटी से दो पिस्तौल और तीन मैगजीन खरीदी थीं। पहले उसने 35 हजार रुपये दिए और बाद में 50 हजार रुपये का भुगतान किया। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी ने जीपीएस ट्रैकर और जैमर जाम करने वाला उपकरण करीब पांच साल पहले ही खरीद लिया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किन-किन वारदातों के लिए किया जाना था और क्या आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है।

पांच दिन की रिमांड, रविवार को होगी पूरी

इस मामले में सोमवार रात कैब लूटने वाले देवांशु और शुभम को पुलिस ने कुछ ही घंटों बाद 16 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों से लूटी गई कार के अलावा दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 89 कारतूस, जीपीएस ट्रैकर, जैमर, चार मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया था। आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था, जो 21 दिसंबर को पूरा होगा। रिमांड के दौरान दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

कोचिंग के दौरान हुई थी पहचान

जांच में सामने आया है कि अजमेर निवासी देवांशु और आजमगढ़ निवासी शुभम एक-दूसरे को साल 2019 से जानते हैं। दोनों उस समय एक साथ कोचिंग कर रहे थे और वहीं से उनकी दोस्ती हुई थी। देवांशु ने खुद को शुभम के सामने खनन कारोबारी बताया था। जब शुभम नौकरी की तलाश में था तो देवांशु ने उसे काम दिलाने का भरोसा देकर अपने पास बुलाया और बाद में वारदात में शामिल कर लिया।

दिल्ली से जयपुर के लिए बुक की थी कैब

पुलिस के अनुसार देवांशु ने दिल्ली के एक युवक के जरिए दिल्ली से जयपुर के लिए टैक्सी बुक कराई थी। कैब चालक अलीगढ़ निवासी संजय जब धारूहेड़ा के पास पहुंचा तो आरोपियों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। जब चालक ने गाड़ी देने से इनकार किया तो रात करीब एक बजे बनीपुर चौक पर उसके पैर में गोली मारकर कार और नकदी लूट ली गई। इसके बाद आरोपियों ने चालक को रेवाड़ी में फेंक दिया और फरार हो गए।

सनकी स्वभाव, पुलिस को भी शक

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि देवांशु पढ़ा-लिखा और साधन संपन्न है लेकिन उसका व्यवहार सनकी किस्म का है। इसी कारण पुलिस उसकी बातों पर सीधे भरोसा नहीं कर रही और हर पहलू से जांच कर रही है। इस मामले में सुरेंदर श्योराण ने बताया कि हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद कई अहम कड़ियां सामने आई हैं। अब यह भी जांच की जा रही है कि बंटी ने हरियाणा में और किन लोगों को हथियार सप्लाई किए थे।

रेवाड़ी में 3 माह से लापता युवती धारूहेड़ा में मिली, मां ने ले जाने से किया इनकार

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Haryana News: रेवाड़ी जिले के Dharuhera में शुक्रवार देर शाम उस वक्त हलचल मच गई, जब शनि मंदिर के पास एक युवती को संदिग्ध हालात में घूमते देखा गया। आसपास के दुकानदारों को उसकी स्थिति असामान्य लगी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को अपने संरक्षण में लिया और उससे पूछताछ की। शुरुआती बातचीत में युवती घबराई हुई और मानसिक रूप से परेशान नजर आई।

मां से संपर्क, लेकिन आने से किया इनकार

पुलिस पूछताछ के दौरान युवती से उसकी मां का मोबाइल नंबर मिला। पुलिस ने फोन पर मां को बेटी मिलने की जानकारी दी और धारूहेड़ा आने को कहा। लेकिन मां ने साफ शब्दों में कहा कि वह धारूहेड़ा नहीं आ सकती और पुलिस ही युवती को उनके पास छोड़ जाए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बातचीत के दौरान मां ने यह भी कहा कि युवती पहले भी परिवार को परेशान करती रही है।

प्रेम विवाह के बाद बदली जिंदगी

पुलिस जांच में सामने आया कि 27 वर्षीय युवती गुरुग्राम के एक गांव की रहने वाली है। उसने इसी साल 22 जुलाई को परिवार की मर्जी के खिलाफ एक युवक से प्रेम विवाह किया था। इस विवाह को लेकर परिजन नाराज चल रहे थे।

कुछ समय बाद युवक ने युवती को छोड़ दिया, जिसके बाद वह मानसिक रूप से टूट गई। इसी तनाव के बीच वह करीब तीन महीने पहले घर से निकल गई थी, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था।

पुलिस ने परिवार तक पहुंचाया

मां के धारूहेड़ा आने से इनकार करने के बाद पुलिस ने युवती को सरकारी वाहन से गुरुग्राम स्थित उसके परिजनों के पास पहुंचाया।

इस संबंध में Kashmir Singh ने बताया कि पहले परिवार से फोन पर संपर्क किया गया था। जब परिजनों ने आने से इनकार कर दिया, तो युवती की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे पुलिस वाहन से घर तक छोड़ दिया गया। परिवार ने भी बताया कि प्रेमी द्वारा छोड़े जाने के बाद युवती मानसिक रूप से परेशान चल रही थी।

गुरुग्राम में हेरोइन सप्लाई नेटवर्क पर शिकंजा, 15 ग्राम बरामदगी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

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Haryana News: गुरुग्राम जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। अपराध शाखा फर्रुखनगर ने हेरोइन सप्लाई करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 15 ग्राम हेरोइन बरामदगी के एक पुराने मामले की तफ्तीश के दौरान की गई है।

पुलिस के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को अपराध शाखा फर्रुखनगर की टीम ने खोड रोड, गुरुग्राम के पास से माजिद उर्फ टेंपू, निवासी पटौदी, जिला गुरुग्राम को 15 ग्राम हेरोइन के साथ काबू किया था। इस मामले में थाना पटौदी में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।

सप्लाई करने वाला आरोपी भी काबू

मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने हेरोइन की सप्लाई से जुड़े मुख्य आरोपी की पहचान की। पुलिस टीम ने आज उसे खोड रोड, पटौदी से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान संजय उर्फ बंदर, निवासी जेजे कॉलोनी, गुरुग्राम के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से 1,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी केवल एक कड़ी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे की खेप कहां से आ रही थी और किन-किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थी।

कोर्ट में पेश, नेटवर्क की जांच जारी

गिरफ्तार आरोपी संजय उर्फ बंदर को अदालत में पेश किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

Gurugram Police ने दोहराया है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

NH-44 पर दर्दनाक हादसा: फैक्ट्री से लौट रही 7 माह की गर्भवती महिला की मौत, मां गंभीर

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Haryana News: सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 पर शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। प्याऊ मनियारी के पास फैक्ट्री से काम खत्म कर घर लौट रही 7 माह की गर्भवती महिला को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में महिला की मौके पर हालत गंभीर हो गई, जबकि साथ चल रही उसकी मां भी बुरी तरह घायल हो गईं।

पुलिस के अनुसार, दुर्घटना उस समय हुई जब दोनों महिलाएं हाईवे पार कर रही थीं। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़ीं और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे।

अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान 20 वर्षीय विनीता ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि विनीता सात माह की गर्भवती थीं और उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं, जिनके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका।

महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

मां की हालत नाजुक, रोहतक रेफर

हादसे में घायल विनीता की मां मंजू की हालत भी गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए PGI Rohtak रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर लेकिन चिंताजनक है।

मृतका के पति करण ने बताया कि विनीता और उनकी मां कुंडली स्थित एक चप्पल फैक्ट्री में काम करती थीं और रोज की तरह शुक्रवार को भी फैक्ट्री से लौट रही थीं।

डेढ़ साल पहले हुआ था विवाह

करण ने पुलिस को बताया कि उसका विनीता से डेढ़ साल पहले विवाह हुआ था। दोनों पिछले तीन साल से प्याऊ मनियारी की पेपर मिल कॉलोनी में रह रहे थे। विनीता शादी से पहले भी इसी इलाके में रहती थीं और करीब दो साल से फैक्ट्री में नौकरी कर रही थीं।

चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद से कार चालक फरार है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी चालक की पहचान की जा सके।

20 किलो से ज्यादा गांजा तस्करी का मामला: पानीपत कोर्ट ने दोषी को 20 साल की सख्त सजा सुनाई

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Haryana News: मादक पदार्थ तस्करी के मामलों पर सख्ती दिखाते हुए Panipat District and Sessions Court ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने गांजा तस्करी के एक मामले में दोषी पाए गए बिजेंद्र उर्फ बिंदर को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

यह फैसला शनिवार को Yogesh Chaudhary की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने साफ किया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है।

गश्त के दौरान पकड़ा गया था आरोपी

यह मामला 1 नवंबर 2020 का है, जब थाना बापोली पुलिस टीम शाहपुर मालपुर और बोहली बस स्टैंड के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर जोरासी खालसा (समालखा) निवासी बिजेंद्र उर्फ बिंदर को रोका और तलाशी ली।

तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद प्लास्टिक के कट्टे से 20 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और उसे जेल भेज दिया।

अदालत में पेश हुए पुख्ता सबूत

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में ठोस सबूत और गवाह पेश किए। अदालत ने पाया कि बरामद गांजा व्यवसायिक मात्रा की श्रेणी में आता है, जिसे कानून में गंभीर अपराध माना गया है।

सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने बिजेंद्र को दोषी करार दिया और उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 2 लाख रुपये जुर्माने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सह-आरोपी अब भी फरार

इस मामले में एक अन्य आरोपी दलबीर, निवासी पसीना खुर्द, भी शामिल था। अदालत ने उसे 6 दिसंबर 2025 को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश लगातार जारी है और गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हार्दिक की 16 गेंदों में फिफ्टी, तिलक का धमाका: भारत ने SA को 30 रनों से हराया, टी20 सीरीज 3-1 से जीती

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अहमदाबाद। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की रोशनी में शुक्रवार रात कुछ ऐसा हुआ जो 2025 के क्रिकेट कैलेंडर को यादगार बना गया। साउथ अफ्रीका के भारत दौरे का आखिरी मैच पांचवें टी20 में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 231 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजों की कसी हुई फिरकी से प्रोटियाज को 201 पर रोक दिया। 30 रनों की इस जीत ने न सिर्फ सीरीज 3-1 से भारत के नाम की बल्कि साल के अंत में भारतीय फैंस को एक बड़ा तोहफा भी दे दिया।

मैच की शुरुआत में ही लग रहा था कि यह रात बल्लेबाजों की होगी। अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 34 रन ठोककर पावरप्ले में माहौल सेट किया जबकि संजू सैमसन ने 37 रनों की संयमित पारी से नींव मजबूत की। लेकिन असली तूफान तब आया जब तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या क्रीज पर एक साथ उतरे। तिलक ने 42 गेंदों पर 73 रन बनाए – उनकी पारी में क्लास और टाइमिंग का ऐसा मिश्रण था कि गेंदबाज बेबस नजर आए। दूसरी तरफ हार्दिक ने महज 25 गेंदों में 63 रन ठोक डाले जिसमें 16 गेंदों पर फिफ्टी शामिल थी – भारतीय टी20 में दूसरी सबसे तेज। उनकी पारी में पांच छक्के और इतने ही चौके थे, स्टेडियम में बैठे दर्शक बार-बार खड़े होकर तालियां बजा रहे थे। एक तरह से हार्दिक ने साबित कर दिया कि वह पुरानी फॉर्म में लौट चुके हैं और टीम के लिए कितने अहम हैं।

232 रनों का लक्ष्य चेज करना आसान नहीं था खासकर जब क्विंटन डिकॉक जैसे धुरंधर विकेटकीपिंग के साथ-साथ बल्ले से भी कमाल दिखा रहे हों। डिकॉक ने अपने 100वें टी20 इंटरनेशनल में 35 गेंदों पर 65 रन बनाए, शुरुआत में तो लगा कि प्रोटियाज बाजी मार लेंगे। लेकिन फिर भारतीय गेंदबाजों ने कमाल दिखाया। जसप्रीत बुमराह ने सिर्फ 17 रन देकर 2 विकेट झटके, उनकी स्लोअर गेंदों ने डिकॉक को कैच आउट कराया।

वहीं वरुण चक्रवर्ती ने मिडिल ओवर्स में कहर बरपाया। 4 विकेट लेकर उन्होंने प्रोटियाज की कमर तोड़ दी। एक ओवर में दो विकेट लेकर उन्होंने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

यह जीत सिर्फ एक मैच की नहीं, पूरे साल की मेहनत का नतीजा लगी। टेस्ट सीरीज हारने के बाद वनडे और टी20 में वापसी करना वह भी इतने दबाव में। यह भारतीय टीम की गहराई और जज्बे को दिखाता है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम लगातार आठवीं द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीत चुकी है। अब नजरें 2026 टी20 वर्ल्ड कप पर होंगी, जहां भारत घरेलू सरजमीं पर खिताब बचाने उतरेगा।

फैंस के लिए यह शाम भावुक भी थी। साल का आखिरी इंटरनेशनल मैच, स्टेडियम पैक, और जीत का जश्न। क्रिकेट प्रेमी जानते हैं क्योंकि ऐसे पल बार-बार नहीं आते।

सरसों की पहली सिंचाई कब करें? 2025 में 90+ क्विंटल पैदावार लेने के लिए जरूर पढ़े! एक गलती ओर 20 क्विंटल का नुकसान

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Farmers Tips: नमस्ते किसान भाइयो! अक्टूबर-नवंबर में सरसों बो दी होगी आप सभी ने ओर अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि पहली सिंचाई कब करनी है? सरसों में एक गलत सिंचाई से पूरी फसल पीली पड़ जाती है और 20-25 क्विंटल का नुकसान हो जाता है। इसलिए ये बहुत जरूरी है कि आपको सरसों में पहली सिंचाई कब करनी है।

इस साल 2025 के मौसम को देखते हुए आइए जानते है कि सरसों की फसल में पहली सिंचाई कब, कैसे और कितनी करनी है ताकि इस बार 80-90+ क्विंटल प्रति हेक्टेयर आसानी से पैदावार मिल सके।

सरसों की पहली सिंचाई ओर सही समय

देखिए किसान भाइयों सरसों की पहली सिंचाई का सही समय बुवाई के 25-35 दिन बाद होता है। आप बुवाई के ठीक 25-35 दिन बाद पहली सिंचाई करो। इस समय पौधे में 4-6 पत्तियां पूरी तरह खुल जाती है ओर ये वो समय होता है जब पौधा जड़ गाँठ (Rosette Stage) बनाने वाला होता है। Sarso me pahli sinchai kab karni hai

उत्तर भारत के किसान भाइयो के लिए 2025 का कैलेंडर की अगर बात करें तो जिन किसानों ने 10-20 अक्टूबर के पास बुवाई की थी उनको 5-15 दिसंबर को सिंचाई करनी चाहिए। जिन किसानों ने 21-31 अक्टूबर के बीच में बुवाई की थी उनको 10-20 दिसंबर ओर जिन्होंने 1-10 नवंबर को बुवाई की है उनको सरसों में सिंचाई 20-30 दिसंबर को करनी चाहिए।

इस बात का रखें ध्यान

देश के कई हिस्सों में खासकर राजस्थान, यूपी, हरियाणा ओर पंजाब में बारिश काफी अच्छी हुई है इसलिए अगर खेत में नमी है तो दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक सिंचाई को आराम से टाल सकते हो। खेत में नमी के चलते ओर सर्दी का मौसम होने के चलते एक सप्ताह के लिए सिंचाई को देरी से किया जा सकता है। Sarso me pani dene ka tarika

ये 3 गलतियाँ मत करना वरना फसल बर्बाद

कई किसान भाई अपने खेतों में जल्दी सिंचाई कर देते है जिसके चलते उनको काफी नुकसान होता है। अगर आपने 20 दिन में पानी डाल दिया तो सरसों के पौधे ठंड से पीले हो जाएंगे। साथ ही अगर देरी से यानी 45 दिन बाद पानी डाला तो पौधों पर फूल जल्दी आएंगे ओर दाने काफी छोटे होंगें। किसान भाइयों अगर आपके क्षेत्र का पानी भारी है तो एक साथ भर भर के पानी नहीं देना है नहीं तो पौधों की जड़ें शुरुआत में ही सड़ने लग जाएगी।

कितना पानी डालना है? मिट्टी के हिसाब से

आमतौर पर खेतों में तीन प्रकार की मिट्टी पाई जाती है जिसमे बलुई (रेतीली), दोमट मिट्टी और चिकनी मिट्टी होती है। किसान भाइयों अगर आपके खेत की मिट्टी का प्रकार बलुई (रेतीली) है तो आपको 4 से 5 सेंटीमीटर सिंचाई करनी चाहिए और इसके लिए आपको कलम या फिर ड्रिप (Drip Irrigation) का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा अगर आपके खेत की मिट्टी दोमट है तो आपको 5 से 6 सेंटीमीटर सिंचाई करनी चाहिए जिसको आप 2 हिस्सों में कर सकते है। Sarso me pahli sinchai

इसके अलावा आपके खेत की मिट्टी चिकनी है तो आपको 6 से 7 सेंटीमीटर सिंचाई स्प्रिंकलर (Sprinkler Irrigation) के जरिये करनी चाहिए। इसके अलावा सिंचाई का काम सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच करनी चाहिए। रात के समय खेत में सिंचाई नहीं करनी चाहिए जिसके बारे में हम किसी और दूसरे आर्टिकल में बात करेंगे।

सिंचाई के साथ खाद डालने से होगा 15 क्विंटल का फायदा

सरसों के खेतों में पहली सिंचाई के साथ में अगर आप खाद दाल रहे है तो आपको इसकी मात्रा का भी ध्यान रखना होगा। यूरिया का इस्तेमाल आपको 40-50 किलो/हेक्टेयर या फिर 20-25 किलो/एकड़ डालना चाहिए। इसके अलावा आपके खेत की मिट्टी में पोटाश की कमी है तो उसमे आपको 10 किलो/हेक्टेयर इस्तेमाल करना है। सरसों की फसल में सल्फर जरूर डालनी चाहिए और इसके लिए आपको 10-15 किलो सल्फर जरूर इस्तेमाल करनी है। Sarso ki kheti

किसान भाइयो एक फार्मूला आपके लिए मैं लेकर आया हूँ। आप इसको नोट कर सकते है ताकि आगे आने वाले समय में इस्तेमाल किया जा सके। आपको बुवाई में डीएपी + जिंक + सल्फर डाला है तो पहली सिंचाई 30-32 दिन बाद करनी है जिसमे आपको 20 किलो यूरिया + 5 किलो पोटाश का इस्तेमाल करना है। इसके अलावा 10 दिन बाद आपको बोरॉन + मेग्नीशियम की स्प्रे करनी है। इसको नोट कर लो आप बहुत काम आने वाला है।

अभी क्या करना है आपको

किसान भाइयो अभी आपको अपने खेत की 5 से 6 इंच की ऊपरी मिट्टी को चेक करना है और देखना है की अगर मिट्टी सुखी है तो आने वाले सप्ताह में आपको सिंचाई का प्लान कर लेना है। अगर नहीं है तो आपको 15 दिसम्बर तक का इन्तजार करना है क्योंकि अब आगे सर्दी में खेत की नमी बनी रहने वाली है। Sarso me pani dene ka sahi tarika

स्रोत: ICAR, राज्य कृषि विश्वविद्यालय एवं 2025 फील्ड ट्रायल

घर बैठे शुरू करें सर्दी वाला बिजनेस, सिर्फ ₹20,000 से होगी महीने की ₹50,000 तक कमाई

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Business Idea for Winter: जैसे ही ठंड की ठिठुरन बढ़ने लगती है वैसे ही सभी जगहों पर बाजारों में हलचल मच जाती है। लोग गर्म कपड़ों की खरीदारी, मसालेदार चाय और स्वादिष्ट ड्राई फ्रूट्स आदि की तलाश में निकल पड़ते हैं। अगर आप भी रोजाना 9 से 5 वाली नौकरी की झिकझिक से तंग आ चुके हैं या आप घर बैठे एक्स्ट्रा कमाई का जुगाड़ ढूंढ रहे हैं तो सर्दियों का ये मौसम आपके लिए कमाई के कई अलग अलग अवसर लेकर आया है।

बाजार के जानकारों की मानें तो इस सीजन में डिमांड इतनी तेज होती है कि छोटे-मोटे निवेश से ही महीने के लाखों रुपये की कमाई हो सकती है। हमने कुछ ऐसे बिजनेस आइडियाज (Business Ideas) आप सभी के लिए इकट्ठा किए हैं जो न सिर्फ आसान हैं बल्कि घर से ही शुरू हो सकते हैं। चलिए एक-एक करके देखते हैं ओर आपको इन बिजनेस की जानकारी देते है।

ड्राई फ्रूट्स की दुकान से होगी लाखों में कमाई

सर्दी आते ही बादाम (Almonds), काजू (Cashews), किशमिश (Raisins) और अखरोट जैसी ड्राई फ्रूट्स की बिक्री आसमान छूने लगती है। ये न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं बल्कि शरीर को गर्माहट भी देते हैं। न्यूज18 हिंदी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर बात करें तो इस बिजनेस को शुरू करने के लिए महज 50 हजार से 1 लाख रुपये का निवेश अगर आप शुरू में कर देते है तो वहीं काफी है।

आप लोकल होलसेल मार्केट से माल खरीदकर सड़क किनारे स्टॉल लगा सकते हैं या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेजन (Amazon) पर बेचना शुरू कर सकते है जिससे आपको काफी अच्छा मुनाफा होगा। इस बिजनेस को शुरू करने से पहले याद रखें कि सबसे पहले FSSAI लाइसेंस (FSSAI License) लेना न भूलें वरना आगे चलकर आपको मुश्किल हो सकती है।

गर्म कपड़ों का ठेला लगाकर भी अच्छा मुनाफा होगा

आपने देखा होगा कि जैसे ही नवंबर का महीना शुरू होता है वैसे ही बाजार स्वेटर (Sweaters), शॉल (Shawls) और मफलर से पट जाते हैं? इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी की ताजा खबरों के अनुसार इस बिजनेस में 1-2 लाख रुपये लगाकर आप साप्ताहिक 50 हजार तक कमा सकते हैं।

सूरत या टिरुपुर जैसे टेक्सटाइल हब से थोक में माल लाकर लोकल मार्केट में बेचें ओर फिर देखिए आपकी कमाई कैसे दिन दोगुनी रात चौगुनी बढ़ती है।

चाय-कॉफी स्टॉल

सर्द हवाओं में भाप वाली अदरक वाली चाय (Ginger Tea) या मजबूत कॉफी (Coffee) का मजा ही अलग है। लाइव मिंट की रिपोर्ट कहती है कि ये बिजनेस 20-30 हजार के निवेश से पटरी पर आ जाता है। एक छोटा सा ठेला, गैस चूल्हा और कुछ बर्तन – बस हो गया सेटअप।

सड़क किनारे या ऑफिस इलाकों में लगाएं तो दिन भर 200-300 कप बिक सकते हैं। हाइजीन (Hygiene) का ध्यान रखें, क्योंकि ये फूड बिजनेस है। मसाला चाय या हर्बल टी (Herbal Tea) जैसे वैरायटी ऐड करें, तो ग्राहक लाइन लगा देंगे।

हीटर-गीजर की दुकान

जैसे ही तापमान गिरता है, लोग हीटर (Heaters) और गीजर (Geysers) खरीदने दौड़ पड़ते हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की एक स्टोरी के मुताबिक, इस सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री 60 फीसदी तक उछाल मार लेती है।

1.5-2 लाख रुपये लगाकर छोटी दुकान खोलें या सर्विस सेंटर शुरू करें – रिपेयर (Repair) का काम भी अच्छा चलेगा। सेफ्टी टिप्स शेयर करें ग्राहकों से, जैसे ओवरलोडिंग से बचाव, तो विश्वास बढ़ेगा।

हेल्दी लड्डू-सूप का धंधा

सर्दियों में तिल के लड्डू (Sesame Laddus) या पौष्टिक सूप (Soups) की क्रेविंग बढ़ जाती है। न्यूज18 की रिपोर्ट बताती है कि घरेलू स्तर पर ये बिजनेस 50 हजार से शुरू हो जाता है। किचन से ही पैकिंग करके लोकल डिलीवरी या ऑनलाइन ऑर्डर लें।

हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits) हाइलाइट करें, जैसे इम्यूनिटी बूस्टर, तो सेल्स बढ़ेगी। रेसिपीज में हाइजीन रखें और पैकेजिंग आकर्षक बनाएं।

चुनौतियां और टिप्स

भले ही ये बिजनेस आसान लगें, लेकिन मौसम खत्म होने पर प्लान बी रखें। मार्केटिंग (Marketing) के लिए सोशल मीडिया जैसे इंस्टाग्राम (Instagram) यूज करें।

इंडिया डॉट कॉम की एक स्टोरी के अनुसार, 3 महीने के सीजन में ही 3-5 लाख का टर्नओवर संभव है बशर्ते लोकेशन सही हो। सरकारी स्कीम्स जैसे मुद्रा लोन (Mudra Loan) से फंडिंग लें।

गरीब बहनों के लिए वरदान बनी ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’, जानें कैसे करें आवेदन

Haryana News: हरियाणा सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक और कदम उठाया है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना जो हरियाणा सरकार ने शुरू की है उसके तहत अब राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर सभी बहनों को हर महीने 2100 रुपये सीधे बैंक खाते में मिलने लगेंगे। यह योजना 25 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में औपचारिक रूप से लॉन्च की थी।

अब तक प्रदेश की लाखों महिलाओं ने इसके लिए आवेदन कर दिया हैं और इस योजना की पहली किस्त 1 नवंबर से खातों में भेजी जा चुकी है। यह स्कीम न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक आजादी देगी बल्कि परिवारों को भी मजबूत बनाएगी। आइए जानते है कि कैसे इस योजना में आवेदन करना होता है ओर सरकार का इस योजना को शुरू करने के पीछे क्या मकसद है।

योजना को शुरू करने का क्या मकसद है?

देखिए पाठको हरियाणा में महिलाओं की तादाद भले ही बढ़ रही हो लेकिन आर्थिक मोर्चे पर अभी भी बहुत सारी चुनौतियां बरकरार हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा सरकार ने चुनावी वादे को साकार करते हुए यह योजना शुरू की है। इसका सीधा लक्ष्य है गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को मासिक वित्तीय मदद देकर आत्मनिर्भर बनाना। सरकारी आंकड़ों की अगर बात करें तो योजना के पहले चरण में ही करीब 20.97 लाख महिलाओं को फायदा पहुंचेगा। ये वो बहनें हैं जिनके परिवार की सालाना कमाई एक लाख रुपये तक है।

आपको याद दिल दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लॉन्चिंग के मौके पर कहा था, “हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि हर हरियाणवी बहन का सिर ऊंचा हो। यह 2100 रुपये का सहारा उन्हें छोटे-मोटे खर्चों से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक हर मोर्चे पर ताकत देगा।” योजना का नाम ‘दीन दयाल’ पंडित दीन दयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित है जो गरीबों के उत्थान पर जोर देते थे।

कौन ले सकता है फायदा ओर इसके पात्रता नियम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश की सभी महिलाओं को इस योजना के तहत मदद नहीं मिलेगी। सरकार ने साफ शर्तें तय की हैं ताकि असली हकदार जो गरीब है ओर जरूरतमंद है उस तक फंड पहुंचे। आपको बता दें कि आवेदक महिला या उसके पति को कम से कम 15 साल से हरियाणा का स्थायी निवासी होना जरूरी है। आवेदक की उम्र 23 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। परिवार की सालाना आय एक लाख रुपये से कम हो और कोई दूसरी सरकारी योजना जैसे पेंशन या अन्य सब्सिडी का लाभ न ले रही हो।

आपको ये भी मालूम होना चाहिए कि इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रदेश की कोई भी शादीशुदा और अविवाहित दोनों वर्ग की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं लेकिन दस्तावेज पूरे होने चाहिए। दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण। अगर 15 साल पुराना निवास प्रमाण नहीं है तो लोकल पटवारी या तहसीलदार से वेरिफिकेशन कराना पड़ेगा। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द हो सकता है इसलिए सावधानी बरतें।

मोबाइल ऐप से घर बैठे भरें फ़ॉर्म

हरियाणा प्रदेश की सरकार के द्वारा शुरू की गई इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है इसका डिजिटल प्लेटफॉर्म। हरियाणा सरकार ने खास मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिसे गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन सिर्फ इसी ऐप से होगा ओर ऑफलाइन फॉर्म की सुविधा नहीं है। जब आप आवेदन करेंगे तो उसकी स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया कुछ ऐसी होने वाली है:

  • ऐप डाउनलोड करें और अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करें। ओटीपी से वेरीफाई हो जाएगा।
  • फॉर्म में अपना नाम, जन्मतिथि, उम्र और हरियाणा में कितने साल से रह रही हैं, ये डिटेल्स भरें।
  • पति या परिवार के हेड का नाम, आय प्रमाण और बैंक अकाउंट नंबर अपलोड करें।
  • दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। सबमिट करने के बाद ट्रैकिंग आईडी मिलेगी।

वेरिफिकेशन के बाद जो महिलाएं पहले से पात्र डेटाबेस में हैं, उनके खाते में 1 नवंबर से ही पैसे आना शुरू हो गए। बाकी के लिए 15-20 दिनों में प्रोसेसिंग पूरी हो जाएगी। आपको बता दें कि आवेदन में आपको अगर कोई दिक्कत आए तो टोल-फ्री नंबर 0172-4880500 या 1800-180-2231 पर कॉल करें। हेल्पलाइन पर महिलाओं के लिए खास काउंसलर तैनात हैं जो आवेदन में आपकी मदद करने वाले है ओर आपको पूरी जानकारी डिटेल में देने वाले है।

महिलाओं में जोश तो है लेकिन चुनौतियां भी बरकरार है

पंचकूला और पानीपत जैसे जिलों में लॉन्चिंग के बाद महिलाओं की भीड़ उमड़ी। एक स्थानीय बहन रीना देवी जो पानीपत की रहने वाली है उससे जब हमारे रिपोर्टर ने बात की तो उसने बताया, “घर का खर्च चलाना मुश्किल था, अब ये 2100 रुपये से बच्चों की फीस और राशन की टेंशन कम होगी। सरकार को धन्यवाद!” इसी तरह रोहतक की सुनीता भी कहती हैं, “ऐप से आवेदन भरना आसान लगा, लेकिन गांव में इंटरनेट की दिक्कत है। ऐसे में आंगनवाड़ी वर्कर की मदद लूंगी।” यानी महिलाओं को सरकार की ये योजना काफी पसंद आई है।

आपको बता दें कि इस योजना को लेकर कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि योजना का असर तभी होगा जब ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लिटरेसी बढ़े। हरियाणा के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. वीणा शर्मा ने ‘दैनिक भास्कर‘ को दिए इंटरव्यू में कहा, “यह अच्छी शुरुआत है, लेकिन लॉन्ग टर्म में स्किल ट्रेनिंग से जोड़ना चाहिए ताकि महिलाएं सिर्फ सहायता न लें, बल्कि कमाई भी करें।” सरकार ने वादा किया है कि अगले फेज में ट्रेनिंग प्रोग्राम जोड़े जाएंगे।

क्या ये योजना बनेगी सशक्त हरियाणा की नई ताकत

यह योजना हरियाणा की महिलाओं के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। राज्य में लिंग अनुपात सुधारने और महिला सशक्तिकरण के लिए पहले से चल रही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी स्कीम्स के साथ यह और मजबूत बनेगी। बजट में इसके लिए पर्याप्त फंड आवंटित किया गया है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का इस्तेमाल हो रहा है।
अगर आप भी पात्र हैं तो आप बिल्कुल भी देर न करें। ऐप डाउनलोड करें और अपना हक का पैसा अपने खाते में पाएं। हरियाणा सरकार की यह पहल न सिर्फ आर्थिक मदद है बल्कि बहनों के सम्मान की गारंटी भी। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट lado.lakshmi.haryana.gov.in चेक करें।