पार्ट-टाइम जॉब का लालच देकर सवा पांच लाख ठगे, पंजाब से धराया मुख्य आरोपी
पहले छोटे-छोटे टास्क, फिर फंसाया लाखों में
शिकायत करने वाले जितेंद्र कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जबुरना के रहने वाले हैं और रेवाड़ी के सेक्टर-3 में किराए के मकान में रहते हैं। 10 सितंबर को उन्होंने साइबर थाने में रिपोर्ट लिखवाई कि 11 अगस्त को उन्हें टेलीग्राम पर एक मैसेज आया था। मैसेज में पार्ट-टाइम जॉब (part-time job) करके आसानी से पैसे कमाने का ऑफर था।
जितेंद्र ने बताया कि पहले उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। शुरुआती दो-तीन टास्क बहुत आसान थे – जैसे कोई प्रोडक्ट रिव्यू करना या लाइक करना। टास्क पूरा करते ही खाते में पैसे भी आ गए। इससे उनका भरोसा बन गया।
फिर खेल शुरू हुआ। तीसरे टास्क में उन्हें खुद पैसे जमा करने पड़े – पहले 1010, फिर 3020 और उसके बाद 7100 रुपये। ठगों ने कहा कि ये प्रीपेड टास्क (prepaid task) हैं, पैसे जमा करने के बाद कई गुना रिटर्न मिलेगा। जितेंद्र ने पैसे डाल दिए लेकिन रिटर्न नहीं आया।
“सुधार शुल्क”, “क्रेडिट स्कोर” और फिर गायब
जब जितेंद्र ने पैसे वापस मांगे तो ठगों ने नया बहाना बनाया – आपने टास्क अधूरा छोड़ा है इसलिए 97,590 रुपये “सुधार शुल्क” (correction fee) जमा करो। जितेंद्र ने ये पैसे भी डाल दिए। खाते में बैलेंस 1 लाख 61 हजार दिखने लगा। निकासी की कोशिश की तो कहा गया – बड़ी राशि है, तीन किस्तों में निकलेगी।
Read More - बावल में ग्रामीण बच्चों का डिजिटल सपना पूरा: 330 छात्रों को मिला कंप्यूटर प्रशिक्षण का सर्टिफिकेट!पहली किस्त में सिर्फ 2800 रुपये आए। बाकी दो किस्तों के लिए फिर 1 लाख 58 हजार 615 रुपये मांगे गए। जितेंद्र ने वो भी जमा कर दिए। अब खाते में 3 लाख 17 हजार दिख रहा था। निकालने गए तो नया ड्रामा – “आपका क्रेडिट स्कोर कम है, 3 लाख रुपये और जमा करो।”
जितेंद्र ने कर्ज लेकर वो तीन लाख भी डाल दिए। खाते में कुल बैलेंस 8 लाख 27 हजार दिखाया गया। अब ठग और पैसे मांगने लगे। तभी जितेंद्र को समझ आया कि वो ठगी का शिकार हो चुके हैं। कुल मिलाकर उनसे 5,62,895 रुपये लूट लिए गए।
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शिकायत मिलते ही साइबर क्राइम थाना रेवाड़ी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेस किए गए। पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा नवजोत सिंह के खाते में गया था। पुलिस की एक टीम ने बुधवार शाम को संगरूर जाकर नवजोत को दबोच लिया।
पूछताछ में नवजोत ने कबूल किया कि उसके खाते में 41 हजार रुपये आए थे। गुरुवार को उसे रेवाड़ी कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, उनकी तलाश जारी है। साथ ही ठगी के ज्यादातर खाते गुजरात, राजस्थान और असम के हैं। जांच चल रही है।
अगर आपको भी टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर कोई “पार्ट टाइम जॉब – पहले पैसे जमा करो, बाद में कई गुना मिलेगा” वाला ऑफर” आए तो सीधे साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। लालच में आकर एक रुपया भी न डालें।
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